TCS नासिक: मुख्य आरोपी निदा खान गिरफ्तार, SIT को मिली बड़ी कामयाबी!
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फाइल फोटो।

TCS नासिक: मुख्य आरोपी निदा खान गिरफ्तार, SIT को मिली बड़ी कामयाबी!

TCS की नासिक स्थित शाखा में हिंदु महिलाओं के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए बाध्य करने वाली मुख्य आरोपी निदा खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह फरार थी...


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नासिक/छत्रपति संभाजीनगर: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक यूनिट में यौन उत्पीड़न और धार्मिक जबरदस्ती के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया है। नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) कई शहरों में उसकी तलाश कर रही थी।

संयुक्त ऑपरेशन में हुई गिरफ्तारी

नासिक के पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर पुलिस और वहां की क्राइम ब्रांच की मदद से पकड़ा गया है। निदा खान नासिक के देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध संख्या 156/26 में नामजद आरोपी है।

क्या हैं गंभीर आरोप?

SIT वर्तमान में नासिक स्थित इस आईटी दिग्गज कंपनी की इकाई में छेड़छाड़ और उत्पीड़न के नौ अलग-अलग मामलों की जांच कर रही है। निदा खान पर महिला कर्मचारियों के शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप हैं।

जांच में सामने आया है कि निदा खान एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए कर्मचारियों को निशाना बनाती थी। उन पर प्रार्थना करने और मांसाहारी भोजन खाने के लिए दबाव डाला जाता था। एफआईआर के अनुसार, निदा खान कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की 'सलाह' और दबाव देती थी।

SIT की अब तक की कार्रवाई

इस मामले के उजागर होने के बाद SIT ने अब तक एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। कुछ पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें धार्मिक प्रतीकों को अपनाने और अपनी आहार संबंधी आदतों को बदलने के लिए मजबूर किया गया था।

SC/ST एक्ट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज

निदा खान पर न केवल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की यौन उत्पीड़न और मानहानि से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, बल्कि उन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की सुसंगत धाराएं भी लगाई गई हैं। इसका कारण यह है कि शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति से है और निदा ने यह जानते हुए भी उसे धार्मिक रूप से प्रताड़ित किया।

अदालत ने खारिज की थी अग्रिम जमानत

इससे पहले 18 अप्रैल को निदा खान ने अपनी गर्भावस्था का हवाला देते हुए नासिक की अदालत में अग्रिम जमानत और अंतरिम सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 2 मई को उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद से वह फरार थी।

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