
'पुष्पा' जहांगीर खान का निकला दम; हाफ पैंट में सड़कों पर निकाली परेड
'झुकेगा नहीं' का डायलॉग मारने वाले TMC नेता का रसूख मिट्टी में मिला. कलकत्ता HC से कवच हटते ही भारत-नेपाल बॉर्डर से हुई गिरफ्तारी; 5 दिन की पुलिस कस्टडी.
Jahangir Khan's Half Pant Pared: पश्चिम बंगाल की सियासत में बाहुबल और रसूख के प्रतीक माने जाने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता जहांगीर खान की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे राज्य के सियासी गलियारों को चौंका दिया है. दक्षिण 24 परगना जिले के जिस इलाके में कभी जहांगीर खान का एकछत्र दबदबा और खौफ माना जाता था, उसी इलाके की सड़कों पर आज वे पुलिस कस्टडी में हाफ पैंट पहने लाचार हालत में पैदल चलते नजर आए.
गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा जहांगीर खान को सरेआम सड़क पर पैदल घुमाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर बेहद तेजी से वायरल हो रहा है. यह खौफनाक ढहते रसूख की तस्वीर उस छवि से बिल्कुल उलट है, जिसमें कभी उनका काफिला और राजनीतिक रूतबा चर्चा में रहता था. कलकत्ता हाई कोर्ट से कानूनी सुरक्षा हटते ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया और अब वे सलाखों के पीछे हैं.
भारत-नेपाल सीमा के पास से दबोचे गए जहांगीर; कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड पर भेजा
फाल्टा विधानसभा सीट से टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले जहांगीर खान कानूनी शिकंजा कसते ही राज्य छोड़कर भागने की फिराक में थे. पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें उत्तरी बंगाल के पानीटंकी इलाके में भारत-नेपाल सीमा के पास से वीआईपी अंदाज में फरार होते वक्त रंगे हाथों गिरफ्तार किया था.
गिरफ्तारी के बाद उन्हें डायमंड हार्बर की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया. सरकारी पक्ष की दलीलों और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने फाल्टा पुलिस थाने में दर्ज सात अलग-अलग प्राथमिकियों (FIRs) के सिलसिले में जहांगीर खान को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. गौरतलब है कि 26 मई को कलकत्ता हाई कोर्ट ने खान को मिला अंतरिम संरक्षण हटा दिया था, जिसके बाद से ही पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी.
'शेर बनाम पुष्पा' की वो जंग, जिसने बंगाल चुनाव में ला दिया था भूचाल
जहांगीर खान का यह हश्र इसलिए भी बेहद चर्चा में है क्योंकि चुनाव के दौरान उनके और उत्तर प्रदेश कैडर के एक जांबाज पुलिस अफसर के बीच की जुबानी जंग ने भारी सुर्खियां बटोरी थीं:
अजय पाल शर्मा की एंट्री: फाल्टा सीट पर उपचुनाव से ठीक पहले केंद्रीय बलों और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने जहांगीर के गढ़ और घर पर भारी छापेमारी की थी. इस बेहद हाई-प्रोफाइल कार्रवाई का नेतृत्व उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल में तैनात किए गए कड़े पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा कर रहे थे.
'झुकेगा नहीं' का खुला चैलेंज: इस छापेमारी से बौखलाए जहांगीर खान ने तब ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पुष्पा: द राइज़' का मशहूर डायलॉग मारते हुए राज्य की राजनीति गर्मा दी थी. खान ने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा था कि "यदि वह पुलिस अधिकारी (अजय पाल शर्मा) खुद को 'शेर' समझता है, तो मैं भी 'पुष्पा' हूँ. मैं चुनाव आयोग के इस पक्षपाती व्यवहार के आगे किसी भी कीमत पर झुकूंगा नहीं."
इस बयानबाजी के बाद तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस पर्यवेक्षक के अधिकारों पर भी सवाल उठाए थे. लेकिन 21 मई को हुए मतदान के बाद से ही जहांगीर खान अपने निर्वाचन क्षेत्र से अचानक गायब हो गए थे. अब 'पुष्पा' का वो हेकड़ी भरा अंदाज पूरी तरह गायब हो चुका है और कानून के शिकंजे ने उनके रसूख को पूरी तरह मिट्टी में मिला दिया है.
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