महुआ मोइत्रा को देख लगे चोर-चोर के नारे, बौखलाई MP ने ली DGCA की शरण
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टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा। फाइल फोटो।

महुआ मोइत्रा को देख लगे 'चोर-चोर' के नारे, बौखलाई MP ने ली DGCA की शरण

घटना का विवरण देते हुए TMC सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट साझा की। उन्होंने बताया कि यह घटना इंडिगो की फ्लाइट लैंड होने पर हुई। दरवाजा खुलते ही...


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तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार (8 मई) को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इंडिगो की एक उड़ान के दौरान पुरुषों के एक समूह ने उनके साथ "उत्पीड़न" और "बदसलूकी" की। मोइत्रा रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रही थीं।

फ्लाइट के भीतर नारेबाजी

घटना का विवरण देते हुए टीएमसी सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने बताया कि यह घटना इंडिगो की फ्लाइट 6E 719 में हुई। मोइत्रा के अनुसार, जब फ्लाइट लैंड हुई और दरवाजे खुलने ही वाले थे, तभी विमान में सवार पुरुषों के एक समूह ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इतना ही नहीं, उन लोगों ने इस पूरी घटना का अपने मोबाइल फोन पर वीडियो भी बनाया।

महुआ मोइत्रा ने अपनी पोस्ट में लिखा: "मैं आज संसदीय रक्षा समिति की बैठक में शामिल होने के लिए आधिकारिक काम से दिल्ली गई थी। मैं सीट 1F पर थी। 4-6 पुरुष एक समूह में सवार हुए, मेरी ओर घूरकर देखा और विमान के पिछले हिस्से में चले गए। जब फ्लाइट लैंड हुई और दरवाजे खुलने से पहले, उन्होंने यह सब किया..."



'जय श्री राम' और 'चोर' के नारे

सांसद ने आरोप लगाया कि उन पुरुषों ने "चोर-चोर, टीएमसी चोर, पीशी चोर, भाइपो चोर" (चोर-चोर, टीएमसी चोर है, बुआ चोर है, भतीजा चोर है) के नारे लगाए। मोइत्रा ने आगे बताया कि इस दौरान 'जय श्री राम' के नारे भी लगाए गए और उन्हें विमान के भीतर अपनी सुरक्षा को लेकर डर महसूस हुआ।

उन्होंने कहा, "यह कोई 'आम नागरिक का गुस्सा' नहीं है। यह सीधे तौर पर उत्पीड़न है और एक विमान के भीतर मेरी सुरक्षा का उल्लंघन है। यह संभव नहीं है कि ये गुंडे विमान के अंदर इस तरह का उत्पीड़न करके बच निकलें।" उन्होंने इसे "बीजेपी की संस्कृति" करार देते हुए तंज कसा कि इसमें हैरान होने वाली क्या बात है।

सार्वजनिक रूप से सामने आने का फैसला

टीएमसी सांसद ने कहा कि शुरुआत में उन्होंने इस घटना को नजरअंदाज किया और संसदीय बैठक में शामिल हुईं, लेकिन इंटरनेट पर इस घटना के वीडियो देखने के बाद उन्होंने इस मामले को सार्वजनिक करने और कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया।

DGCA को दी गई अपनी शिकायत में मोइत्रा ने आरोप लगाया कि "शरारती तत्वों" के एक समूह ने उन्हें लक्षित करके प्रताड़ित किया। उन्होंने दावा किया कि वे लोग "लगातार और जोर-जोर से राजनीतिक नारे लगा रहे थे, जिसका उद्देश्य उनकी राजनीतिक संबद्धता के कारण उन्हें डराना और अपमानित करना था।"

धमकाने और व्यक्तिगत टिप्पणी के आरोप

सांसद ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि समूह केवल नारेबाजी तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि जानबूझकर डर का माहौल पैदा किया। उनके अनुसार, पुरुषों ने "राजनीतिक रूप से प्रेरित नारों का इस्तेमाल किया, जिसका स्पष्ट उद्देश्य उनकी राजनीतिक पहचान के आधार पर उन्हें कलंकित करना था।"

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यह दुर्व्यवहार व्यक्तिगत अपशब्दों, उपहास, नाम पुकारने और लैंगिक टिप्पणियों (Gendered Invective) तक पहुंच गया। मोइत्रा ने दावा किया कि यह टिप्पणियां उन्हें उकसाने, डराने और नीचा दिखाने के लिए की गई थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यात्रियों ने बिना उनकी सहमति के मोबाइल पर उनकी रिकॉर्डिंग की और अन्य यात्रियों को भी इसमें शामिल होने के लिए उकसाया। उनके अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम "पूर्वाभ्यासित" (Rehearsed) लग रहा था जिसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के लिए तैयार किया गया था।

एयरलाइन की भूमिका पर सवाल

सांसद महुआ मोइत्रा ने इस पूरी घटना के दौरान एयरलाइन के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केबिन क्रू "मूकदर्शक" बना रहा और उन्होंने बीच-बचाव करने या सहायता करने की कोई कोशिश नहीं की।

उन्होंने DGCA से मांग की है कि वह इंडिगो को निर्देश दे कि वह पायलट-इन-कमांड के खिलाफ 48 घंटे के भीतर अनुचित आचरण की औपचारिक शिकायत दर्ज करे और अनिवार्य आंतरिक न्यायिक प्रक्रिया शुरू करे। इसके साथ ही, मोइत्रा ने एयरलाइन और केबिन क्रू के खिलाफ 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने की भी मांग की है, ताकि वे स्पष्ट कर सकें कि वे "अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने में विफल" क्यों रहे। फिलहाल, इंडिगो की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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