ममता को एक और बड़ा झटका? केंद्रीय मंत्री से मिले सुदीप बंदोपाध्याय
x

ममता को एक और बड़ा झटका? केंद्रीय मंत्री से मिले सुदीप बंदोपाध्याय

19 बागी सांसदों के बाद अब TMC के सबसे सीनियर लीडर सुदीप बंदोपाध्याय ने की भूपेंद्र यादव से मुलाकात; दिल्ली से बंगाल तक सियासी हलचल तेज.


Click the Play button to hear this message in audio format

TMC Rebellion At BJP Leader's House: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मची ऐतिहासिक बगावत अब रुकने का नाम नहीं ले रही है. टीएमसी के 19 लोकसभा सांसदों की खुली बगावत के बीच, अब पार्टी के सबसे सीनियर नेताओं में से एक और लोकसभा में टीएमसी के कद्दावर चेहरे सुदीप बंदोपाध्याय ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की है. इस एक मुलाकात ने दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल के सियासी गलियारों में भारी भूचाल ला दिया है.


राजनीतिक हलकों में यह कयास बेहद तेज हो गए हैं कि विधायकों और 19 सांसदों के बाद अब सुदीप बंदोपाध्याय भी ममता बनर्जी का साथ छोड़कर बागी गुट में शामिल होने जा रहे हैं.

भूपेंद्र यादव के घर पहले भी हुई थी सीक्रेट मीटिंग, 19 सांसद थे मौजूद
इस मुलाकात के टाइमिंग को लेकर अटकलें इसलिए ज्यादा गंभीर हैं क्योंकि इससे ठीक पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दिल्ली आवास पर ही टीएमसी के उन 19 बागी सांसदों की एक बड़ी बैठक हुई थी, जो ममता बनर्जी से अलग राह चुन चुके हैं.

स्पीकर को दी जा चुकी है चिट्ठी: इन 19 बागी सांसदों ने पहले ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अपने लिए अलग बैठने की व्यवस्था करने की मांग की है.

शताब्दी रॉय ने दी थी जानकारी: टीएमसी की ही दिग्गज नेता शताब्दी रॉय ने भी इस बात की आधिकारिक पुष्टि की थी कि पार्टी के भीतर एक बहुत बड़ा धड़ा अलग राह पर चल पड़ा है. अब इसी कड़ी में सुदीप बंदोपाध्याय का नाम जुड़ने से ममता बनर्जी की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं.

कोलकाता उत्तर से 6 बार के सांसद; टीएमसी का सबसे मजबूत स्तंभ
सुदीप बंदोपाध्याय कोई आम नेता नहीं हैं; वह तृणमूल कांग्रेस के सबसे पुराने और विश्वसनीय रणनीतिकारों में गिने जाते हैं:

संसद में थे टीएमसी की आवाज: सुदीप बंदोपाध्याय कोलकाता उत्तर लोकसभा सीट से 6 बार के सांसद हैं और लंबे समय से संसद में टीएमसी संसदीय दल के नेता के रूप में पार्टी की कमान संभाल रहे थे.

पार्टी में लगातार टूट: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही टीएमसी ताश के पत्तों की तरह ढह रही है. पहले विधायकों का एक बड़ा गुट अलग हुआ, फिर राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफे दिए, उसके बाद 19 लोकसभा सांसदों ने बगावत की और अब सुदीप बंदोपाध्याय के इस कदम ने टीएमसी को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया है.

कोलकाता में देर रात पुलिस रेड से और भड़की आग
बंगाल की राजनीति में यह उबाल ऐसे समय पर आया है जब हाल ही में खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में कोलकाता में रात के 2:30 बजे पुलिस ने एक वीआईपी घर की तलाशी ली थी. इस घटना के बाद से ही पार्टी के सांसदों और बड़े नेताओं में असंतोष और असुरक्षा की भावना चरम पर पहुंच गई थी. हालांकि, सुदीप बंदोपाध्याय और भूपेंद्र यादव की इस मुलाकात को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन राजनीति के जानकारों का कहना है कि बंगाल में बहुत जल्द 'खेला' होने वाला है और ममता बनर्जी की पार्टी संसद में पूरी तरह बिखरने की कगार पर है.


Read More
Next Story