बुलडोजर के डर से बदला पाला? यूसुफ पठान पर टीएमसी का बड़ा हमला
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'बुलडोजर के डर' से बदला पाला? यूसुफ पठान पर टीएमसी का बड़ा हमला

टीएमसी छोड़ बागी खेमे में गए यूसुफ पठान पर महुआ मोइत्रा और आगा मेहदी ने गंभीर आरोप लगाए। बुलडोजर के डर और राजनीतिक दबाव के दावे चर्चा में हैं।


तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पार्टी से बगावत करने वाले सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में बागी खेमे का साथ देने वाले यूसुफ पठान पर अब उनकी पूर्व पार्टी के नेता खुलकर निशाना साध रहे हैं। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने सोशल मीडिया पर ऐसे दावे किए हैं, जिन्होंने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

अधीर रंजन चौधरी को हराकर बने थे सांसद

यूसुफ पठान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी के टिकट पर पश्चिम बंगाल की बहरामपुर सीट से जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को हराया था। हालांकि, अब टीएमसी से अलग होकर बागी खेमे में शामिल होने के बाद वे पार्टी नेतृत्व के निशाने पर आ गए हैं।

संसद की घटना का किया जिक्र

श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संसद के पिछले शीतकालीन सत्र से जुड़ा एक अनुभव साझा किया। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान विपक्षी दल सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और टीएमसी सांसद सदन के वेल में जाकर प्रदर्शन कर रहे थे।

मेहदी के अनुसार, इसी दौरान एक प्रमुख मुस्लिम सांसद ने यूसुफ पठान को विरोध प्रदर्शन से पीछे हटने की सलाह दी। इसके बाद यूसुफ अपनी सीट पर लौट आए और काफी परेशान दिखाई दिए।

‘बुलडोजर कार्रवाई’ की चेतावनी का दावा

मेहदी ने दावा किया कि बाद में यूसुफ पठान ने उन्हें बताया कि संबंधित सांसद ने उन्हें भाजपा के खिलाफ मुखर विरोध न करने की चेतावनी दी थी। कथित तौर पर उनसे कहा गया था कि भाजपा के खिलाफ खड़े होने पर गुजरात में उनके घर पर बुलडोजर कार्रवाई हो सकती है।मेहदी के मुताबिक, उस समय टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने यूसुफ को भरोसा दिलाया था कि पार्टी उनके साथ खड़ी है और उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।हालांकि, यूसुफ के पार्टी छोड़ने के बाद मेहदी ने निराशा जताते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के विश्वास को तोड़ा है।

महुआ मोइत्रा ने लिया ओवैसी का नाम

आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि यूसुफ पठान को चेतावनी देने वाले नेता एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी थे।महुआ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें यह घटना अच्छी तरह याद है और यूसुफ को विरोध प्रदर्शन से दूर रहने की सलाह ओवैसी ने ही दी थी।


यूसुफ पठान पर साधा निशाना

महुआ मोइत्रा ने यूसुफ पठान के बागी खेमे में जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने उन पर पार्टी के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने ऐसे व्यक्ति का समर्थन किया, जिसने मुश्किल समय में पार्टी का साथ छोड़ दिया।उनकी टिप्पणियों ने टीएमसी और बागी सांसदों के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।

गुजरात में जमीन विवाद से जोड़ा जा रहा मामला

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यूसुफ पठान के खिलाफ गुजरात के वडोदरा में सरकारी जमीन पर कथित कब्जे से जुड़े विवाद भी इस पूरे घटनाक्रम की एक अहम वजह हो सकते हैं।कयास लगाए जा रहे हैं कि संभावित कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक दबाव की आशंका ने उनके राजनीतिक रुख को प्रभावित किया हो। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

एनसीपीआई में शामिल हुए टीएमसी के बागी सांसद

इस बीच, टीएमसी का संकट उस समय और गहरा गया जब पार्टी के बागी सांसदों ने ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) में विलय का ऐलान कर दिया।बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग भी की है।

वहीं, टीएमसी संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष से इस गुट को मान्यता नहीं देने का अनुरोध किया है। वरिष्ठ सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने दावा किया कि बागी गुट आगे चलकर पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर कानूनी लड़ाई भी लड़ सकता है।

अभी नहीं आई कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया

महुआ मोइत्रा और आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के आरोपों पर अब तक न तो यूसुफ पठान और न ही असदुद्दीन ओवैसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। हालांकि, इन दावों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी सियासी घमासान को और गर्मा दिया है।

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