
त्रिशूर में पटाखा फैक्ट्री में कई धमाकों से दहली धरती, 40 से ज्यादा घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
केरल के त्रिशूर जिले के मुंदथिकोड में एक पटाखा निर्माण इकाई में भीषण विस्फोट होने से 13 मजदूरों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा लोग घायल हैं। यह हादसा त्रिशूर पूरम त्योहार की तैयारियों के दौरान हुआ।
केरल के त्रिशूर जिले के मुंदथिकोड (Mundathikode) में मंगलवार (21 अप्रैल) को एक हृदयविदारक हादसा हुआ। यहां एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई और 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब आगामी रविवार को होने वाले विश्व प्रसिद्ध 'त्रिशूर पूरम' उत्सव के लिए आतिशबाजी की तैयारी की जा रही थी।
धमाके की तीव्रता और तबाही का मंजर
मिली जानकारी के अनुसार, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास का इलाका दहल उठा। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के सूत्रों ने पुष्टि की है कि घायलों में से पांच की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। चश्मदीदों के मुताबिक, पहले धमाके के बाद वहां रखे पटाखों के भंडार में एक के बाद एक कई और विस्फोट हुए, जिससे पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। घटना स्थल के आसपास से क्षत-विक्षत मानव अंगों के अवशेष भी बरामद हुए हैं, जो धमाके की तीव्रता को बयां कर रहे हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आई बड़ी चुनौतियां
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय निवासी राहत और बचाव कार्य में जुट गए। हालांकि, बचाव दल को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यूनिट तक पहुँचने का रास्ता बेहद संकरा था, जिससे दमकल की गाड़ियों का वहां पहुंचना असंभव लग रहा था। अंततः, बचाव कर्मियों ने पास के धान के खेतों के बीच से एक नया रास्ता काटकर घटनास्थल तक पहुंच बनाई।
मौके पर अभी भी बड़ी मात्रा में ऐसे पटाखे और विस्फोटक मौजूद हैं जिनमें विस्फोट नहीं हुआ है। ये अनफटे पटाखे दमकलकर्मियों के लिए एक बड़ी चुनौती और खतरा बने हुए हैं, क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही एक और बड़े धमाके को जन्म दे सकती है।
अस्पतालों में आपात स्थिति
सभी घायलों को तुरंत त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल और त्रिशूर जनरल अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को विशेष देखभाल दी जाए। उन्होंने 'कनिव 108' सेवा के तहत अतिरिक्त एम्बुलेंस तैनात करने और जरूरत पड़ने पर निजी अस्पतालों को भी तैयार रहने को कहा है।
मुख्यमंत्री और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मुख्य सचिव से बात की और निर्देश दिए कि सरकारी तंत्र पूरी शक्ति के साथ पीड़ितों की सहायता में जुट जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता हुई, तो पीड़ितों के विशेषज्ञ इलाज के लिए राज्य के बाहर के डॉक्टरों की सेवाएं भी ली जाएंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता हर एक जान बचाने की है।
त्योहार की तैयारियों पर संकट के बादल
त्रिशूर पूरम केरल का सबसे बड़ा और भव्य त्योहार माना जाता है, जिसमें आतिशबाजी मुख्य आकर्षण होती है। मुंदथिकोड की इस यूनिट में उसी आतिशबाजी के लिए पटाखे तैयार किए जा रहे थे। इस हादसे ने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया है। यह पहली बार नहीं है जब केरल में पटाखों के निर्माण के दौरान ऐसा हादसा हुआ है, लेकिन मौतों के इस आंकड़े ने सुरक्षा इंतजामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतकों में अधिकांश वे मजदूर बताए जा रहे हैं जो विस्फोटक सामग्री को संभालने और पटाखों की पैकिंग का काम कर रहे थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है कि क्या वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

