
उज्जैन में मोहर्रम जुलूस के दौरान हवा में उड़ाई गाड़ी, कर दिया धमाका, 4 पर FIR, Video
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान एक बेहद हैरान करने वाला और खतरनाक प्रदर्शन सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में, एक टाटा मैजिक वैन को क्रेन की मदद से जमीन से करीब 40 फीट ऊपर हवा में लटकाया गया।
मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन से एक बेहद हैरान करने वाला और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। उज्जैन जिले के बड़नगर इलाके में मोहर्रम के जुलूस के दौरान कुछ युवकों ने ऐसा खतरनाक और विवादित प्रदर्शन किया, जिसने अब एक बड़े कानूनी और सामाजिक विवाद का रूप ले लिया है। सोशल मीडिया पर इस घटना का एक खौफनाक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक टाटा मैजिक वैन को क्रेन की मदद से हवा में करीब 40 फीट ऊपर लटकाया गया है और फिर उसमें अचानक एक जोरदार धमाका होता दिखाई दे रहा है।
इस वीडियो के सामने आते ही इलाके में तनाव और चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया है। कानून व्यवस्था और सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला और वायरल वीडियो का सच?
जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। बड़नगर के अडान मोहल्ले से पारंपरिक मोहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। इस जुलूस में भारी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान भीड़ के बीच एक बड़ी क्रेन बुलाई गई। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक टाटा मैजिक वैन को क्रेन से मजबूत रस्सियों के सहारे बांधा गया और फिर उसे आसमान की तरफ ऊपर उठाया गया।
हैरानी की बात यह है कि जब वैन हवा में ऊपर जा रही थी, तब उसके ऊपर दो युवक खड़े थे। इन दोनों युवकों ने अपने चेहरों को कपड़े से पूरी तरह ढक रखा था यानी वे नकाबपोश थे। हवा में लहराती गाड़ी के ऊपर खड़े होकर ये दोनों युवक लगातार लाल रंग का झंडा लहरा रहे थे। क्रेन ने जैसे ही वैन को जमीन से करीब 40 फीट की ऊंचाई पर पहुंचाया, वैसे ही उस गाड़ी के भीतर एक जोरदार विस्फोट किया गया। धमाका इतना तेज था कि वैन के परखच्चे उड़ते दिखाई दिए।
वैन पर लिखा था 'ले फिर आ गए'
इस पूरे स्टंट या प्रदर्शन को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था। जिस टाटा मैजिक वैन को हवा में उड़ाया गया, उस पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा हुआ था—'ले फिर आ गए'। सिर्फ इतना ही नहीं, इस पूरे खतरनाक खेल को सोशल मीडिया पर वायरल करके वाहवाही लूटने की भी तैयारी थी। इंटरनेट पर 'परवेज एडिट्स 2.0' नाम की एक इंस्टाग्राम आईडी पर इस धमाके का वीडियो बकायदा म्यूजिक लगाकर रील के रूप में शेयर किया गया। इस आईडी पर कुछ और भी इसी तरह के भड़काऊ और स्टंट वाले वीडियो मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने अब अपनी जांच के दायरे में ले लिया है।
संतों और हिंदू संगठनों ने जताई कड़ी आपत्ति
जुलूस के बीच सरेआम इस तरह क्रेन से गाड़ी लटकाकर बम या बारूद का विस्फोट करने की हरकत पर अब चौतरफा गुस्सा फूट पड़ा है। हरिद्वार के प्रसिद्ध संत स्वामी शिवानंद गिरी ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर तीखी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर लिखा कि इस तरह के प्रदर्शन के जरिए समाज में एक बेहद गलत और डरावना संदेश देने की कोशिश की जा रही है। ऐसा लगता है जैसे यह कहा जा रहा हो कि ‘हम काफिरों की गाड़ियों को इसी तरह उड़ा देंगे।’
दूसरी तरफ, हिंदू जागरण मंच के स्थानीय नेता रितेश माहेश्वरी ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। सकल हिंदू समाज की ओर से मांग की गई है कि उज्जैन जिला प्रशासन और पुलिस तुरंत यह स्पष्ट करे कि क्या इस तरह की खतरनाक और विस्फोटक गतिविधि के लिए आयोजकों को कोई आधिकारिक अनुमति दी गई थी या नहीं? बिना परमिशन के भीड़ वाले इलाके में क्रेन और बारूद का इस्तेमाल कैसे होने दिया गया?
पुलिस ने दर्ज किया केस, 4 आरोपी नामजद
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि पुलिस को वीडियो के माध्यम से इस घटना की पूरी जानकारी मिल चुकी है। सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति के विस्फोटक सामग्री का उपयोग करने और लोगों की जान जोखिम में डालने के आरोप में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है।
पुलिस ने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली है। इस मामले में कुल चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसमें मोहर्रम जुलूस के मुख्य आयोजक शोएब खान, वैन के ऊपर चढ़कर नकाब पहनकर झंडा लहराने वाले जाहिद खान और तस्लीम को शामिल किया गया है। इसके साथ ही, जिस व्यक्ति की वह टाटा मैजिक गाड़ी थी, उस वैन मालिक को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि इस विस्फोट के पीछे आरोपियों का असली मकसद क्या था और वे इसके जरिए समाज को क्या संदेश देना चाहते थे।

