
जिस दिल्ली में बीजेपी की सरकार,उसे यूपी के सीएम योगी ने बताया 'गैस चेंबर'
यूपी के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी के ‘खराब’ AQI स्तर की तुलना अपने राज्य के विकास मॉडल से करते हुए कहा कि उनके प्रदेश में विकास स्वच्छ हवा की कीमत पर नहीं हुआ है।
यूपी में भी बीजेपी की सरकार और दिल्ली में भी बीजेपी की सरकार, लेकिन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के वायु प्रदूषण मुद्दे पर बड़ा कटाक्ष कर दिया। योगी ने शनिवार (14 फरवरी) को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की हवा गैस चैंबर जैसी महसूस होती है, जबकि उनके राज्य के लोग स्वच्छ पर्यावरण का आनंद ले रहे हैं।
गोरखपुर के जंगल कौड़िया में नवनिर्मित खंड विकास अधिकारी कार्यालय के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में तमाम विकास कार्यों के बावजूद लोग घुटन महसूस नहीं कर रहे हैं।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता
उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय क्षति आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा, “यहां का वातावरण काफी अच्छा है; कोई प्रदूषण नहीं है। प्रदूषण नहीं होगा तो बीमारियां कम होंगी। जब भी प्रदूषण होता है, वह फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। यदि ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो पूरा शरीर प्रभावित होता है।”
दिल्ली की स्थिति की तुलना करते हुए उन्होंने कहा, “वहां हालात गंभीर हैं; सांस लेना मुश्किल है और आंखों में जलन होती है। डॉक्टर अस्थमा के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को घर के अंदर रहने की सलाह देते हैं। यह कैसी जिंदगी है?”
उन्होंने जोड़ा, “हम सौभाग्यशाली हैं कि यहां विकास है, लेकिन घुटन वाला वातावरण नहीं है।”
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह 9 बजे दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 211 था।
AQI का स्तर 0 से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 ‘गंभीर’ माना जाता है।
प्रस्तावित विश्वविद्यालय
आदित्यनाथ ने कहा कि कैंपियरगंज में प्रस्तावित वानिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने, वन क्षेत्र बढ़ाने और किसानों की आजीविका को मजबूत करने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करेगा, किसानों की आय बढ़ाएगा और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं को दिए जाने वाले “रोजगार-गारंटी” डिग्री कार्यक्रम भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और किसानों की आय में वृद्धि में योगदान देंगे।
विकास परियोजनाएं
कैंपियरगंज में स्थापित गिद्ध संरक्षण केंद्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कृतज्ञता की गहरी भावना है। पौराणिक पात्र जटायु का उल्लेख करते हुए उन्होंने गिद्धों की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया, जिनकी संख्या रसायनों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग के कारण तेजी से घटी है।
उन्होंने कहा, “यदि किसी ने हमारे लिए कुछ किया है, तो कृतज्ञता व्यक्त करना हमारी संस्कृति और जीवनशैली का हिस्सा है। जटायु संरक्षण केंद्र कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में और इस प्रजाति की रक्षा के लिए बनाया गया है।”
मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया ब्लॉक के गांवों से अपने करीबी संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक गांव का दौरा किया और बाढ़ जैसी स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए काम किया।
जंगल कौड़िया ब्लॉक और कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कलेसर-जंगल कौड़िया बाइपास से लखनऊ और कुशीनगर की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। प्रमुख सड़कों को चार लेन में चौड़ा किया गया है और स्थायी बाढ़ नियंत्रण उपाय किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि महंत अवैद्यनाथ की स्मृति में एक डिग्री कॉलेज, एक स्टेडियम और कुश्ती प्रशिक्षण सुविधाएं भी स्थापित की गई हैं। आवास, शौचालय, राशन वितरण, आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य सेवाएं और पेंशन जैसी कल्याणकारी योजनाएं पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय रामपति यादव को श्रद्धांजलि भी दी और 1962 में ब्लॉक मुख्यालय की स्थापना में उनकी भूमिका को याद किया। बाद में उन्होंने क्षेत्र में पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और कार्यक्रम के तहत एक पौधा भी लगाया।

