NEET री-एग्जाम से पहले फुलप्रूफ तैयारी, यूपी में हाई अलर्ट और छात्रों को बड़ी राहत
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21 जून 2026 को नीट-यूजी एग्जाम की दोबारा परीक्षा

NEET री-एग्जाम से पहले फुलप्रूफ तैयारी, यूपी में हाई अलर्ट और छात्रों को बड़ी राहत

NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले यूपी में मॉक ड्रिल और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों को बस किराए में 50% छूट मिलेगी।


NEET-UG 2026 की दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश में मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। इस दौरान पुलिस, जिला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने NEET अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में एडमिट कार्ड दिखाने पर किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके अलावा, दूसरे जिलों में परीक्षा देने जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

59 जिलों में परीक्षा, 3.5 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा आयोजित की जाएगी। उत्तर प्रदेश के 59 जिलों में करीब 3.5 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।NTA के अनुसार परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी। वहीं PwD और PwBD श्रेणी के पात्र उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा और वे शाम 6:20 बजे तक परीक्षा दे सकेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए कड़े इंतजाम

अधिकारियों के मुताबिक प्रश्नपत्रों की तैयारी, अनुवाद, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन और वितरण की पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। परीक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों और सामग्री के परिवहन के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग किया जाएगा।

इसके अलावा डिजिटल निगरानी को भी मजबूत किया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मैसेजिंग ऐप्स पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है ताकि फर्जी प्रश्नपत्र, भ्रामक सूचनाएं और संदिग्ध गतिविधियों को रोका जा सके।

पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

NEET-UG 2026 की परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 22 लाख छात्र शामिल हुए थे। हालांकि पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया।NTA के अनुसार, 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। इस फैसले के बाद देशभर में विरोध-प्रदर्शन भी हुए थे।

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

NTA ने बताया है कि भीषण गर्मी और बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को ध्यान में रखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर बिजली बैकअप, पर्याप्त रोशनी, पंखे, दीवार घड़ियां, पेयजल, शौचालय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है।अभ्यर्थियों को पारदर्शी पानी की बोतल साथ लाने की अनुमति होगी। वहीं डायबिटिक उम्मीदवार शुगर टैबलेट और केला, सेब या संतरा जैसे फल अपने साथ ला सकेंगे।

धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनने वाले तथा फुल स्लीव या ऊनी कपड़े पहनने वाले अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।

अफवाहों से बचने की अपील

NTA ने छात्रों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। एजेंसी ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस संबंध में गृह मंत्रालय, CBI और अन्य साइबर अपराध एजेंसियों को भी शिकायतें भेजी गई हैं।

एजेंसी ने उम्मीदवारों से किसी भी संदिग्ध संदेश, फर्जी प्रश्नपत्र या अफवाह की जानकारी तुरंत NTA अथवा साइबर अपराध एजेंसियों को देने की अपील की है। साथ ही छात्रों से शांत रहने, अपनी तैयारी पर भरोसा बनाए रखने और आवश्यकता पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता हेल्पलाइन टेली-मानस (14416) का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है।

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