टकसाल सिनेमा कांड में विधायक अभय सिंह बरी, धुआं हुआ शूटआउट केस
x
अभय सिंह/धनंजय सिंह (फाइल फोटो)

'टकसाल सिनेमा' कांड में विधायक अभय सिंह बरी, धुआं हुआ शूटआउट केस

24 साल पुराने 'टकसाल सिनेमा' शूटआउट केस में बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने विधायक अभय सिंह और MLC विनीत सिंह समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है...


Click the Play button to hear this message in audio format

वाराणसी: उत्तर प्रदेश की राजनीति और अपराध जगत में लंबे समय तक चर्चा का केंद्र रहे 'टकसाल सिनेमा शूटआउट' मामले में वाराणसी की MP-MLA कोर्ट ने बुधवार को अपना बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस सनसनीखेज हमले के मुख्य आरोपी और विधायक अभय सिंह के साथ-साथ MLC विनीत सिंह समेत सभी 7 आरोपियों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया है। लगभग 24 सालों तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार इस हाई-प्रोफाइल केस का पटाक्षेप हो गया है।

साक्ष्यों के अभाव में बरी हुए आरोपी

अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त और पुख्ता सबूत पेश करने में नाकाम रहा। सुनवाई के दौरान कई गवाह पेश हुए, लेकिन उनके बयान और उपलब्ध साक्ष्य आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सके। इसी का 'संदेह का लाभ' (Benefit of Doubt) देते हुए कोर्ट ने सभी सात आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया।

यह था पूरा मामला?

यह मामला साल 2002 का है, जिसने उस समय पूरे पूर्वांचल को दहला दिया था।

तारीख: 4 अक्टूबर 2002

स्थान: वाराणसी के टकसाल सिनेमा के पास।

घटना: बोलेरो सवार हमलावरों ने तत्कालीन नेता धनंजय सिंह के काफिले पर अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी।

प्रभाव: इस सनसनीखेज हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

पूर्वांचल में वर्चस्व की जंग

अभय सिंह और धनंजय सिंह के बीच की अदावत उत्तर प्रदेश की सियासत और गैंगवार के इतिहास में लंबे समय से सुर्खियों में रही है। टकसाल सिनेमा के पास हुए इस हमले को पूर्वांचल में वर्चस्व की लड़ाई के तौर पर देखा गया था। अभय सिंह और विनीत सिंह पर इस हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आरोप लगाया गया था।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और समर्थकों का उत्साह

फैसले के मद्देनजर वाराणसी कचहरी परिसर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। कोर्ट परिसर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। जैसे ही अभय सिंह और अन्य आरोपियों के बरी होने की खबर बाहर आई, समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में जुटे समर्थकों ने नारेबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया।

इस फैसले का पूर्वांचल की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर क्या असर पड़ेगा, अब सभी की निगाहें इसी पर टिकी हैं।

Read More
Next Story