
केरल में बदला सत्ता का समीकरण, सतीशन बने नए मुख्यमंत्री
UDF की शानदार जीत के बाद वी डी सतीशन ने केरल के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही 10 साल पुराना वाम शासन समाप्त हो गया।
केरल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की शानदार जीत के बाद वी डी सतीशन ने राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली।राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें मलयालम भाषा में शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में कई वरिष्ठ नेता, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
UDF की इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही केरल में पिछले 10 वर्षों से जारी वामपंथी शासन का आधिकारिक अंत हो गया। चुनाव परिणामों को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।वी डी सतीशन लंबे समय से कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं और विपक्ष के नेता के तौर पर भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उनकी अगुवाई में UDF ने चुनाव में जोरदार प्रदर्शन किया और सत्ता में वापसी दर्ज की।
कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, के. मुरलीधरन और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के प्रमुख सन्नी जोसेफ को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।वहीं, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के प्रमुख सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के कई नेताओं को भी कैबिनेट में स्थान मिला है। इनमें पी.के. कुन्हालीकुट्टी, पी.के. बशीर, एन. शमसुद्दीन, के.एम. शाजी और वी.ई. अब्दुल गफूर शामिल हैं।
इसके अलावा मंत्रिमंडल में मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब, सी.पी. जॉन, ए.पी. अनिल कुमार, टी. सिद्दीकी, पी.सी. विष्णुनाथ, रोजी एम. जॉन, बिंदु कृष्णा, एम. लिजू, के.ए. तुलसी और ओ.जे. जनीश को भी मंत्री बनाया गया है।

