
तमिलनाडु में नई राजनीति की शुरुआत? विजय-स्टालिन मुलाकात चर्चा में
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री थलपति विजय ने शपथ के बाद एमके स्टालिन से मुलाकात की। राज्य की राजनीति में नए संकेत दिखने लगे हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद टीवीके प्रमुख थलपति जोसेफ विजय ने सोमवार को डीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से मुलाकात की। इस दौरान स्टालिन के बेटे और पूर्व डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन भी मौजूद रहे।
मुलाकात के दौरान विजय और स्टालिन ने एक-दूसरे का गर्मजोशी से अभिवादन किया। विजय ने स्टालिन को गले लगाया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ने भी नए सीएम का स्वागत बेहद सौहार्दपूर्ण तरीके से किया। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को तमिलनाडु की नई राजनीतिक संस्कृति और विजय की नई शैली के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
शपथ समारोह में नहीं पहुंचे थे स्टालिन
यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एम. के. स्टालिन विजय के शपथग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए थे। ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद विजय का खुद जाकर स्टालिन से मिलना राजनीतिक तौर पर एक अहम संदेश माना जा रहा है।थलपति विजय तमिलनाडु के नौवें मुख्यमंत्री बने हैं। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें 13 मई तक विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहा है।
सहयोगी दलों के समर्थन से बनी विजय सरकार
टीवीके ने इस चुनाव में डीएमके को सत्ता से बाहर कर दिया। हालांकि विजय की सरकार अपने दम पर नहीं, बल्कि कई सहयोगी दलों के समर्थन से बनी है।विजय को कांग्रेस, वीसीके, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), सीपीआई और सीपीआई (एम) जैसे दलों का समर्थन मिला है। मुख्यमंत्री विजय ने राज्यपाल के सामने 121 विधायकों के समर्थन का दावा पेश किया है।234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है।
डीएमके ने उदयनिधि को बनाया विपक्ष का नेता
विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद डीएमके ने भी बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने उदयनिधि स्टालिन को विधानसभा में विधायक दल का नेता यानी नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया है।इस चुनाव में डीएमके प्रमुख एम. के. स्टालिन खुद चुनाव हार गए, जबकि उदयनिधि स्टालिन अपनी सीट बचाने में सफल रहे।वहीं, एआईएडीएमके के दोनों बड़े नेता — एडप्पादी पलानीस्वामी (EPS) और ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) — चुनाव जीतने में कामयाब रहे।
हार के बाद भावुक हुए थे स्टालिन
कोथालुर सीट से हार के बाद एम. के. स्टालिन अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचे थे। इस दौरान वह समर्थकों के बीच भावुक नजर आए थे। उनकी हार को तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस के फैसले से INDIA गठबंधन में खटास
तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन दिए जाने से INDIA गठबंधन के भीतर भी दरार दिखाई देने लगी है। डीएमके इस फैसले से नाराज बताई जा रही है।डीएमके सांसद कनिमोझी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अलग बैठक व्यवस्था की मांग की है। इसे कांग्रेस के प्रति पार्टी की नाराजगी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व ने विजय सरकार के साथ खुलकर खड़े होने का संदेश दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी विजय के शपथग्रहण समारोह में शामिल हुए थे।

