पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार, 35 नए मंत्रियों ने ली शपथ
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पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार, 35 नए मंत्रियों ने ली शपथ

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार का दूसरा कैबिनेट विस्तार हुआ। 35 नए मंत्रियों ने शपथ ली, जिससे मंत्रिपरिषद की संख्या बढ़कर 41 हो गई।


पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के दूसरे कैबिनेट विस्तार के तहत सोमवार को राज्यपाल आर. एन. रवि ने लोक भवन में 35 नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है।

राज्य में 4 मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुए पहले शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत नौ नेताओं ने शपथ ली थी। बाद में मंत्रिपरिषद का आकार सीमित रखा गया था, लेकिन अब व्यापक विस्तार के जरिए विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है।

इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

सोमवार को शपथ लेने वाले प्रमुख नेताओं में दीपक बर्मन, अर्जुन सिंह, शंकर घोष, गौरी शंकर घोष, तापस रॉय, स्वप्न दासगुप्ता, डी. के. मंडल, राजेश महता, इंद्रनील खान, मालती रेवा रॉय, जॉयल मुर्मू, अशोक डिंडा, आनंदमय बर्मन, शांतनु प्रमाणिक, पूर्णिमा चक्रवर्ती, उमेश रॉय और मनोज कुमार ओरान सहित कुल 35 विधायक शामिल रहे।

भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद सरकार का गठन

हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 208 सीटों पर जीत दर्ज कर पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को पद की शपथ ली थी। उस समय उनके साथ केवल पांच अन्य मंत्रियों को शामिल किया गया था, जिससे मंत्रिमंडल की कुल संख्या छह थी।नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद मंत्रिपरिषद की संख्या 41 हो गई है, जो संवैधानिक सीमा के भीतर है। संविधान के अनुसार 294 सदस्यीय विधानसभा में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 44 हो सकती है।

क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर जोर

समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार में देरी का प्रमुख कारण क्षेत्रीय संतुलन और विभिन्न जिलों के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करना था। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि पार्टी को राज्य के लगभग सभी जिलों से समर्थन मिला है, इसलिए मंत्रिमंडल में विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं को समायोजित करने का प्रयास किया गया।

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि नए मंत्रियों को कौन-कौन से विभाग सौंपे जाते हैं। माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण के तुरंत बाद विभागों का आवंटन भी घोषित किया जा सकता है।

पहले चरण में शामिल हुए थे ये मंत्री

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ पहले चरण में भाजपा विधायक दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने मंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय गठित छह सदस्यीय मंत्रिमंडल को भाजपा के सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन की रणनीति का प्रतीक माना गया था, जिसमें ब्राह्मण, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया था।नए विस्तार के बाद भाजपा सरकार ने अपने संगठनात्मक और राजनीतिक संतुलन को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

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