
'BJP का खेल, शेयर बाजार को ऊपर चढ़ाने की साज़िश', बंगाल चुनावों के एग्जिट पोल पर भड़की ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एग्जिट पोल के अनुमानों को खारिज कर दिया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के संपन्न होने के तुरंत बाद आए एग्जिट पोल ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। जहाँ कई एग्जिट पोल बीजेपी को बढ़त दिखा रहे हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन अनुमानों को सिरे से खारिज कर दिया है। गुरुवार (30 अप्रैल) को एक वीडियो संदेश जारी कर ममता बनर्जी ने बीजेपी पर मीडिया कवरेज को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया और दावा किया कि उनकी पार्टी 294 सदस्यीय विधानसभा में 226 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करेगी।
एग्जिट पोल के अनुमानों पर ममता का रुख
गुरुवार शाम को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किए गए विभिन्न एग्जिट पोल के आंकड़ों ने एक मिला-जुला, लेकिन बीजेपी के लिए सकारात्मक रुख दिखाया। कई प्रमुख मीडिया हाउसों के एग्जिट पोल ने बंगाल में कांटे की टक्कर के बीच बीजेपी को बहुमत (148 सीटों का जादुई आंकड़ा) के करीब या पार करते दिखाया।
इन अनुमानों पर प्रतिक्रिया देते हुए, एक वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने आत्मविश्वास से भरा लहजा अपनाया। उन्होंने एग्जिट पोल के नतीजों को "बीजेपी द्वारा प्रायोजित और मीडिया हाउसों पर दबाव बनाकर तैयार की गई" एक साजिश करार दिया। ममता बनर्जी ने साफ तौर पर कहा कि उनकी पार्टी एग्जिट पोल के इन "झूठे" अनुमानों को स्वीकार नहीं करती और उनका मानना है कि टीएमसी 2011 और 2016 के अपने प्रदर्शन को दोहराएगी।मीडिया पर आरोप और 226+ का दावा
ममता बनर्जी ने इन एग्जिट पोल के पीछे के कारणों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी ने मीडिया हाउसों को पैसा देकर और उन पर दबाव बनाकर इन "मनगढ़ंत" आंकड़ों को दिखाने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा, "मीडिया हाउसों को यह दिखाने के लिए पैसा दिया गया था। उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया। हम 226 का आंकड़ा पार करेंगे।"
यह दावा उनके पार्टी के अन्य नेताओं द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं के अनुरूप है, जो लंबे समय से बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों और धन बल का उपयोग करके मीडिया को नियंत्रित करने का आरोप लगाते रहे हैं। ममता बनर्जी का 226+ सीटों का दावा टीएमसी के कैडर को यह संदेश देता है कि पार्टी अभी भी मैदान में मजबूती से डटी हुई है और उन्हें अंतिम परिणाम तक हार नहीं माननी चाहिए।
वोटरों और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद
ममता बनर्जी ने अपने वीडियो संदेश में बंगाल की जनता और टीएमसी कार्यकर्ताओं को "कड़ी धूप और दमन" के बावजूद मतदान में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने मतदाताओं के धैर्य और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की, खासकर उन लोगों की जिन्होंने बीजेपी के कथित "दबाव और धमकियों" का सामना किया।
ममता बनर्जी ने कहा, "भीषण गर्मी और आपके द्वारा झेले गए दमन के बावजूद... जिन्होंने बंगाल को दबाने की कोशिश की, उन्हें मतपेटी में दबा दिया गया है।" यह बयान बंगाल की जनता के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है और एक बार फिर "मा-माटी-मानुष" के उनके नारे को मजबूत करता है।
केंद्रीय बलों और अमित शाह पर आरोप
हमेशा की तरह, ममता बनर्जी ने केंद्रीय बलों और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों और पुलिस के एक वर्ग ने बंगाल की जनता पर "अत्याचार" किया और बीजेपी के इशारे पर काम किया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधे हस्तक्षेप का आरोप लगाया और दावा किया कि उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय बलों का इस्तेमाल किया।
ममता बनर्जी ने कहा, "केंद्रीय बलों ने बंगाल की जनता पर अत्याचार किया। पुलिस के एक वर्ग ने भी उनका साथ दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल की चुनाव प्रक्रिया में सीधे हस्तक्षेप किया।" ये आरोप टीएमसी की पुरानी शिकायत रही है कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों और बलों का दुरुपयोग करके राज्य सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश करती है।
मतगणना केंद्रों पर सतर्कता का आह्वान
ममता बनर्जी ने टीएमसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मतगणना केंद्रों पर सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने "मशीनों को बदलने" और परिणामों में "हेरफेर" करने के कथित प्रयासों के प्रति चेतावनी दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मतगणना केंद्रों की चौबीसों घंटे निगरानी करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करने के लिए कहा।
ममता बनर्जी ने कहा, "मशीनों को बदलने और परिणामों में हेरफेर करने के प्रयास किए जा सकते हैं। इसलिए, कार्यकर्ताओं को मतगणना केंद्रों की सुरक्षा करनी चाहिए और सतर्क रहना चाहिए।" यह बयान उनकी चिंता को दर्शाता है कि परिणामों को प्रभावित करने के लिए अंतिम समय तक कोशिशें हो सकती हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे आने में अभी कुछ समय है, लेकिन ममता बनर्जी के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। एग्जिट पोल के अनुमानों को खारिज कर उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और अंतिम परिणाम तक लड़ाई जारी रखने का संदेश दिया है। अब देखना यह है कि बंगाल की जनता का वास्तविक जनादेश क्या है और क्या ममता बनर्जी का 226+ सीटों का दावा सही साबित होता है। 2 मई को होने वाली मतगणना के नतीजे ही यह तय करेंगे कि बंगाल में कौन सत्ता पर काबिज होगा।

