पश्चिम बंगाल विधानसभा भंग, टीएमसी का 15 साल का शासन समाप्त
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पश्चिम बंगाल विधानसभा भंग, टीएमसी का 15 साल का शासन समाप्त

पश्चिम बंगाल के गवर्नर ने विधानसभा को भंग कर दिया है। बता दें कि ममता बनर्जी ने कहा था कि वो सीएम पद से इस्तीफा नहीं देंगी।


पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि ने गुरुवार को राज्य विधानसभा को भंग करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया। कोलकाता गजट में प्रकाशित इस नोटिफिकेशन के साथ ही ममता बनर्जी सरकार संवैधानिक रूप से समाप्त हो गई है और अब वे मुख्यमंत्री नहीं रहीं।यह फैसला ऐसे समय आया है जब ममता बनर्जी के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक और संवैधानिक बहस तेज थी। हालांकि विधानसभा भंग होने के बाद यह प्रक्रिया स्वतः लागू हो गई।

कोलकाता गजट में नोटिफिकेशन जारी

कोलकाता गजट में प्रकाशित आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक राज्यपाल आर.एन. रवि ने पश्चिम बंगाल विधानसभा को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह फैसला 7 मई 2026 से लागू माना जाएगा।इसका सीधा अर्थ है कि अब राज्य की मौजूदा विधानसभा अस्तित्व में नहीं रही और इसके साथ ही मंत्रिपरिषद तथा मुख्यमंत्री पद भी समाप्त हो गया।

अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत कार्रवाई

राज्यपाल ने यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लिया।संविधान के इस प्रावधान के अनुसार राज्यपाल विधानसभा को भंग कर सकते हैं।जारी नोटिफिकेशन पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला के भी हस्ताक्षर हैं।

15 साल पुराना TMC शासन समाप्त

विधानसभा भंग होने के साथ ही पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल लंबे शासन का औपचारिक अंत हो गया।2011 में ममता बनर्जी ने वाम मोर्चे के 34 साल पुराने शासन को खत्म कर सत्ता हासिल की थी। इसके बाद से लगातार टीएमसी राज्य की सत्ता में बनी हुई थी।लेकिन 2026 विधानसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा और भाजपा ने भारी बहुमत हासिल कर लिया।

इस्तीफे को लेकर जारी था विवाद

चुनाव परिणाम आने के बाद ममता बनर्जी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे इस्तीफा नहीं देंगी।उन्होंने दावा किया था कि उनकी पार्टी “नैतिक रूप से चुनाव जीती है” और उन्हें “हराया गया है।” इसी बयान के बाद राज्य में संवैधानिक स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे थे कि विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद सत्ता किसके पास रहेगी।अब राज्यपाल की ओर से विधानसभा भंग किए जाने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है।

अब क्या होगा?

विधानसभा भंग होने के बाद अब नई सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।भाजपा पहले ही दावा कर चुकी है कि उसका नया मुख्यमंत्री 9 मई को शपथ लेगा।इसके लिए नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी और नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां 15 वर्षों बाद सत्ता परिवर्तन देखने को मिलेगा।

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