यूट्यूब देखकर महिला इंजिनियर की करायी घर पर डिलीवरी, अधिक खून बहने मौत
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यूट्यूब देखकर महिला इंजिनियर की करायी घर पर डिलीवरी, अधिक खून बहने मौत

तमिलनाडु के तिरुपुर में यूट्यूब वीडियो देखकर घर पर डिलीवरी कराने की कोशिश में महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत। पति पर केस दर्ज।


Tamil Nadu YouTube delivery mishap: तमिलनाडु के तिरुपुर जिले से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ इंटरनेट और यूट्यूब (YouTube) वीडियो की मदद से घर पर ही प्रसव (डिवरी) कराने की कोशिश में एक 32 साल की महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई। बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है, लेकिन प्रसव के बाद अत्यधिक खून बहने के कारण महिला की जान चली गई। पुलिस ने मृतका के पति के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

यूट्यूब वीडियो देखकर घर में ही कराया प्रसव

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका सशिकाला तिरुपुर जिले के उथुकुली तालुक के एक गांव की रहने वाली थी और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी:

अस्पताल जाने के बजाय घर पर कोशिश: सशिकाला को 24 जून की सुबह प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हुई थी। लेकिन उसके पति और सास ने अस्पताल जाने के बजाय इंटरनेट और यूट्यूब पर उपलब्ध जानकारी की मदद से घर पर ही सामान्य प्रसव कराने का फैसला किया।

प्लेसेंटा न निकलने से बिगड़ी हालत: शुरुआत में सशिकाला ने बच्चे को जन्म दे दिया और वह ठीक लग रही थी। लेकिन इसके बाद गर्भनाल (प्लेसेंटा) गर्भाशय से अलग नहीं हो सकी, जिसके कारण उसे बहुत तेजी से ब्लीडिंग (खून बहना) होने लगी।

इलाज के दौरान तोड़ा दम: हालत बिगड़ने पर परिवार उसे तुरंत पेरुंदुरई के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गया। इसके बाद 25 जून को उसे कोयंबटूर के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और 28 जून को उसने दम तोड़ दिया।

पुराने डर की वजह से लिया आत्मघाती फैसला

शुरुआती पुलिस जांच में सामने आया है कि घर पर ही प्रसव कराने का फैसला खुद सशिकाला और उसके पति का था, जिसके पीछे एक पुराना मानसिक डर था:

ऑपरेशन का डर: साल 2020 में सशिकाला के पहले बच्चे के जन्म के समय उसका सिजेरियन (बड़ा ऑपरेशन) हुआ था। इस सर्जरी के बाद से वह एलोपैथिक दवाओं और दोबारा ऑपरेशन कराने के नाम से मानसिक रूप से काफी डर गई थी। वह किसी भी हाल में दोबारा ऑपरेशन नहीं चाहती थी।

नियमित जांच से बनाई दूरी: इसी डर के कारण परिवार ने सरकारी स्वास्थ्य टीमों से संपर्क नहीं किया और गर्भावस्था के दौरान होने वाली जरूरी जांचों (चेकअप) को भी टाल दिया, ताकि प्रशासन को उनकी भनक न लगे।

पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज

उठुकुली पुलिस ने कुन्नात्तूर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर की शिकायत पर सशिकाला के पति कोलंथाईसामी के खिलाफ केस दर्ज किया है।

लगाई गईं सख्त धाराएं: पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत गैर-इरादतन हत्या (हत्या की श्रेणी में न आने वाली मानव वध) और नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की जांच: राज्य का स्वास्थ्य विभाग भी इस मामले की अलग से जांच कर रहा है। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि क्या परिवार ने जानबूझकर अस्पताल में डिलीवरी से बचने के लिए डॉक्टरों से दूरी बनाई थी।

यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि तमिलनाडु में संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी) की दर 99.9 प्रतिशत है, जो देश में सबसे बेहतर मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टरी देखरेख के इंटरनेट के भरोसे ऐसे गंभीर कदम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है।

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