Android का इस्तेमाल करने वाले सावधान! Google की वॉर्निंग, दुनियाभर के 40% स्मार्टफोन पर मंडराया खतरा
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Android का इस्तेमाल करने वाले सावधान! Google की वॉर्निंग, दुनियाभर के 40% स्मार्टफोन पर मंडराया खतरा

गूगल ने चेतावनी दी है कि पुराने एंड्रॉयड OS पर चल रहे स्मार्टफोन मैलवेयर और स्पाईवेयर के खतरे में हैं। जिन फोन को सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलते, वे सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं।


अमेरिकी टेक कंपनी गूगल ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। कंपनी के मुताबिक, दुनियाभर में करीब आधे एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स मैलवेयर और स्पाईवेयर के खतरे में हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह पुराने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) का इस्तेमाल होना है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जो स्मार्टफोन Android 13 या उससे पुराने वर्जन पर काम कर रहे हैं, उन्हें अब नियमित रूप से सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलते। इसी वजह से फोन हैकिंग, डेटा चोरी और वायरस अटैक के लिए ये फोन ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं। दुनियाभर में ऐसे यूजर्स की संख्या 1 अरब से ज्यादा बताई जा रही है।

कितने फोन किस एंड्रॉयड वर्जन पर चल रहे हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर तक के आंकड़ों में देखा गया है कि-

Android 16 सिर्फ 7.5% डिवाइस में ही मौजूद हैं

Android 15 पर 19.3% स्मार्टफोन काम कर रहे हैं

Android 14 पर 17.9% डिवाइस हैं

Android 13 पर 13.9% स्मार्टफोन अभी भी चल रहे हैं।

इसका मतलब यह है कि बड़ी संख्या में यूजर्स ऐसे एंड्रॉयड वर्जन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन्हें या तो सीमित सिक्योरिटी सपोर्ट मिल रहा है या बिल्कुल नहीं मिल रहा।

कितने फोन सुरक्षित हैं और कितने खतरे में?

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लगभग 58% स्मार्टफोन ऐसे हैं, जिन्हें अभी सिक्योरिटी सपोर्ट मिल रहा है, जबकि करीब 40% स्मार्टफोन ऐसे हैं, जिनके लिए अब कोई सिक्योरिटी अपडेट उपलब्ध नहीं है। यही फोन सबसे ज्यादा खतरे में हैं।

पुराने स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सलाह

गूगल और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने यूजर्स को सलाह दी है कि अगर उनका स्मार्टफोन पुराने एंड्रॉयड OS पर काम कर रहा है, तो उसे जल्द से जल्द लेटेस्ट एंड्रॉयड वर्जन में अपडेट कर लें। साथ ही, फोन में आने वाले सिक्योरिटी अपडेट को नजरअंदाज न करें और समय पर इंस्टॉल करते रहें। अगर किसी फोन के लिए कंपनी की ओर से सपोर्ट बंद कर दिया गया है और अपडेट नहीं मिल रहे हैं, तो नया स्मार्टफोन खरीदना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

iPhone यूजर्स को क्यों मिलता है ज्यादा फायदा?

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पुराने iPhone यूजर्स को समय पर सिक्योरिटी अपडेट मिल जाते हैं। Apple अपने iPhone मॉडल्स को लंबे समय तक iOS और सिक्योरिटी अपडेट देता है। वहीं कई एंड्रॉयड कंपनियां कुछ साल बाद पुराने फोन के लिए अपडेट बंद कर देती हैं, जिससे यूजर्स जोखिम में आ जाते हैं।

कंपनियां कितने साल तक देती हैं सिक्योरिटी अपडेट?

आमतौर पर ज्यादातर स्मार्टफोन कंपनियां अपने डिवाइस के लिए 4 से 5 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देती हैं। हालांकि अब कुछ कंपनियों ने इस अवधि को बढ़ाने का ऐलान किया है। Samsung और Google Pixel की तरफ से स्मार्टफोन के लिए 7 साल या उससे ज्यादा सिक्योरिटी अपडेट देने की घोषणा की गई है, जो यूजर्स के लिए अच्छी खबर है।

सिक्योरिटी अपडेट क्या होता है?

सिक्योरिटी अपडेट स्मार्टफोन की सुरक्षा के लिए जारी किए जाते हैं। ये अपडेट पुराने OS में मौजूद कमजोरियों, बग्स और खामियों को ठीक करते हैं। अगर ये अपडेट न मिलें, तो हैकर्स इन कमजोरियों का फायदा उठाकर फोन को हैक कर सकते हैं, डेटा चुरा सकते हैं या फोन पर मैलवेयर और स्पाईवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं।

एंड्रॉयड यूजर्स की संख्या ज्यादा क्यों?

दुनियाभर में एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले स्मार्टफोन की संख्या बहुत ज्यादा है। सैमसंग, रेडमी, रियलमी, ओप्पो, वीवो, वनप्लस जैसी कंपनियां एंड्रॉयड OS पर स्मार्टफोन बनाती हैं और उन्हें ग्लोबल मार्केट में बेचती हैं। वहीं iOS सिर्फ Apple के iPhone तक ही सीमित है, इसलिए iPhone यूजर्स की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है।

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