झारखंड छात्र आंदोलन रहेगा जारी, सरकार ने मानी कई मांगें
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झारखंड छात्र आंदोलन रहेगा जारी, सरकार ने मानी कई मांगें

Jharkhand student movement to continue government accepts several demands


जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन का रविवार (9 अगस्त) को 16वां दिन रहा। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन जारी है। सरकार के मंत्रियों के पैनल और विभिन्न छात्र गुटों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। सरकार का दावा है कि लगभग 98 प्रतिशत मांगें मान ली गईं, लेकिन छात्र मुख्य बिंदुओं पर अड़े रहे। नतीजतन आंदोलन जारी रखने और सोमवार (10 अगस्त) को विधानसभा घेराव का फैसला लिया गया।

तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने वार्ता के बाद बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा,जेपीएससी बैकलॉग 2023 और बैकलॉग 2025 को रद्द करने का फैसला लिया गया है। अनियमितताओं की आपराधिक जांच सीआईडी करेगी। वित्तीय गड़बड़ियों (टीडीपीएल एजेंसी से जुड़े लेन-देन) की जांच के लिए ईडी से अनुरोध किया जाएगा। फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित होगा और 90 दिनों में चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य रखा गया है। परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए आईआईटी-आईएसएम धनबाद, आईआईएम रांची और एक्सएलआरआई जमशेदपुर के विशेषज्ञों की समिति बनेगी। सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में निगरानी पैनल का भी प्रस्ताव है।

इस मुद्दे पर फंसा पेच

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग पर सरकार सहमत नहीं हुई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सीजीएल परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हुई, परिणाम घोषित हो चुके हैं और सफल उम्मीदवार नौकरी कर रहे हैं। इसलिए एकतरफा रद्द संभव नहीं। सरकार ने इसके लिए सेवानिवृत्त जज की जांच का विकल्प दिया, लेकिन छात्रों ने इसे अस्वीकार कर दिया।

विधानसभा का घेराव होगा

छात्र नेता रविंद्र पासवान (रिफॉर्म मंच) और कुणाल समेत अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि 14वीं जेपीएससी समेत ज्यादातर मांगें मान ली गईं, लेकिन सीबीआई जांच पर कोई समझौता नहीं होगा। देवेंद्र नाथ महतो गुट (अनशन पर) और एआईएसए जैसे संगठनों ने भी आंदोलन जारी रखने की बात कही। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से 10 अगस्त को विधानसभा मार्च और घेराव का ऐलान किया। छात्र संगठनों ने प्रदेश भर से अभ्यर्थियों को रांची पहुंचने की अपील की है।

जेपीएससी के तीन सदस्यों का इस्तीफा

इसी बीच जेपीएससी के तीन सदस्यों—डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद—ने इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इन्हें स्वीकार कर लिया। सीआईडी ने इन्हें समन भेजा था। पहले अध्यक्ष एल. खिंयांग्ते भी इस्तीफा दे चुके थे।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय मिलेगा। “हमने चोरी पकड़ ली है, दोषियों को कठोर सजा दी जाएगी।” समस्या का समाधान लाठी-डंडे या गोली से नहीं, बातचीत से होना चाहिए। उन्होंने युवाओं को राजनीतिक संरक्षण से दूर रहने और आंदोलन को राजनीतिक रंग न देने की अपील की।

आंदोलन 25 जुलाई से चल रहा है। कई छात्र अनशन पर हैं। अलग-अलग गुटों से सरकार ने अलग-अलग वार्ता की। आधिकारिक लिखित समझौता अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। सोमवार का घेराव शांतिपूर्ण रखने पर छात्र जोर दे रहे हैं। आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।

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