
राम मंदिर में चढ़ावा गिनती व्यवस्था पर विवाद, 23 कर्मचारियों ने छोड़ी नौकरी
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने ड्यूटी बढ़ाने, मेहनताना घटाने और छुट्टियां कम करने के विरोध में सामूहिक इस्तीफा दे दिया।
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि दान चोरी विवाद के बाद चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था में कई बदलाव किए गए, जिनसे उनकी कार्य परिस्थितियां प्रभावित हुई हैं।
कर्मचारियों के अनुसार, पहले चढ़ावे की गिनती दो शिफ्टों में होती थी, लेकिन अब इसे एक ही शिफ्ट में पूरा कराया जा रहा है। इसके साथ ही उनकी ड्यूटी का समय 6 घंटे से बढ़ाकर 9 घंटे कर दिया गया है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि उनके मेहनताने में कटौती की गई है और छुट्टियों की संख्या भी कम कर दी गई है।
सभी कर्मचारियों ने बैठक कर इन बदलावों का विरोध किया और अपनी मांगों को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, एसबीआई तुलसी उद्यान शाखा, अयोध्या के अधिकारियों तथा कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली एजेंसी सैनिक सिक्योरिटी के सुपरवाइजर जयराम यादव से बातचीत की। हालांकि, कर्मचारियों का दावा है कि उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद 23 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा सौंप दिया।
इस्तीफा देने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि पहले सभी कर्मचारियों को हर महीने 14,755 रुपये मेहनताना मिलता था, लेकिन अब भुगतान अलग-अलग दरों पर किया जा रहा है। उनका आरोप है कि वेतन के साथ-साथ अवकाश संबंधी सुविधाओं में भी कटौती की गई है।
23 कर्मचारियों के एक साथ इस्तीफा देने से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, संबंधित बैंक और कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। अब उन्हें नए कर्मचारियों की भर्ती करनी होगी, लेकिन कम समय में पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित कर्मचारियों की व्यवस्था करना आसान नहीं माना जा रहा है।
इस्तीफों के बाद चढ़ावे की गिनती के लिए केवल 13 कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंचे, जिससे व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, संबंधित पक्षों की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

