Aaj Ki Taaza Khabar : दिन की अहम खबरें - 21/09/2026
आज की ताजा खबर में जानें दिन भर की अहम खबरें एक साथ
नमस्कार दिनभर की बड़ी खबरों में आपका स्वागत है। एक नजर अभी तक की सुर्खियों पर
1. जमुई की सड़क पर नाबालिग से बदसलूकी, राहुल गांधी का सवाल—‘बिहार में शाम 7 बजे लड़की सुरक्षित क्यों नहीं?
2. Delhi SIR: दिल्ली SIR में VVIP भी ‘नोटिस’ के घेरे में, आडवाणी से जयशंकर तक… 33 लाख वोटर्स पर सवाल
3. सोनिया गांधी का 46 साल पुराना ‘वोटर लिस्ट विवाद’ फिर खुला, कोर्ट ने पलटा पुराना आदेश
4. IIT बॉम्बे छात्र की मौत पर बड़ा एक्शन, डीन सस्पेंड… संस्थान ने क्यों मांगी माफी?
5. क्या 4 हिस्सों में बंटेगा उत्तर प्रदेश? राजभर के दावे पर अखिलेश का पलटवार
6. DUSU में ABVP की जीत पर CJP का ‘पैसा’ वार—Rolls-Royce, Audi और BMW का क्यों आया नाम?
7. ‘बाल दिखते ही कट मारते हैं’— गुरुग्राम रोड रेज पीड़िता ने सड़क पर क्या झेलती हैं महिला बाइकर्स
8. पाकिस्तान में पेट्रोल ₹1000 लीटर होगा? सरकार की चेतावनी से मचा हड़कंप
ये थीं अब तक की बड़ी सुर्खियां। अब खबरें विस्तार सें
Anchor:वहीं बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ और उसके साथ मौजूद छात्र से मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घटना की निंदा करते हुए बिहार सरकार से सवाल किए हैं। बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है। 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे। इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह "संस्कृति" नहीं है, यह पितृसत्ता है: ये एक सोच है कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है। अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?"
राहुल गांधी ने मांग की कि वायरल वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए। उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जमुई पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को पकड़ लिया है। उनकी शिनाख्त कर ली गई है और इस मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Anchor: दिल्ली में वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision यानी SIR के दौरान कई जानी-मानी हस्तियों के नाम उन वोटर्स की सूची में शामिल हैं, जिन्हें चुनाव अधिकारियों ने नोटिस जारी किए हैं। इनमें पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और विदेश सचिव विक्रम मिस्री समेत कई नाम हैं।
दिल्ली CEO कार्यालय के मुताबिक, 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस के लिए चिह्नित किया गया, जिनमें से 19 सितंबर तक 31.63 लाख को नोटिस दिए जा चुके थे। इनमें ऐसे वोटर्स हैं जिनका मौजूदा रिकॉर्ड 2002 में हुए पिछले SIR की लिस्ट से मैप नहीं हो पाया या जिनके विवरण में गलतियां मिली हैं।
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि नोटिस मिलने का मतलब मतदाता सूची से नाम हटना नहीं है। आयोग के मुताबिक़, संबंधित मतदाता जवाब और ज़रूरी दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं। किसी का नाम सुनवाई का मौका दिए बिना और उचित आदेश के बगैर नहीं हटाया जा सकता।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुद्दे पर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा, बिहार से शुरु हुआ SIR अब जब दिल्ली में दस्तक दे चुका है, तब शायद सत्ताधीशों को पता चल रहा है कि कांग्रेस पार्टी पूरे प्रोसेस को पहले दिन से गलत क्यों कह रही थी। SIR केवल बीजेपी के वोट चोरी व लोकतंत्र को खत्म करने का औजार ही नहीं है बल्कि इसने अब उसी के लोगों को फंसा दिया है.।
Anchor: वहीं कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से जुड़े दशकों पुराने वोटर लिस्ट विवाद में दिल्ली की अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उस मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ वोटर लिस्ट में कथित फर्जीवाड़े की जांच की मांग वाली शिकायत को खारिज कर दिया गया था। अब मामले को दोबारा मजिस्ट्रेट के पास भेजा गया है।
यह मामला सोनिया गांधी का नाम 1980 की वोटर लिस्ट में शामिल होने से जुड़ा है।
शिकायतकर्ता वकील विकास त्रिपाठी का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में 1980 में दर्ज था, जबकि उन्होंने अप्रैल 1983 में भारतीय नागरिकता हासिल की थी।
शिकायतकर्ता का दावा है कि नागरिकता मिलने से पहले वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए कथित तौर पर जाली या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ होगा।
सितंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने FIR दर्ज कराने की मांग वाली शिकायत खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ रिवीजन पिटीशन दाखिल की गई।
राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने पुराने आदेश को रद्द करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट का आदेश मामले के तथ्यों पर पर्याप्त कारण नहीं बताता और उसमें कानूनी खामी है। अदालत ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी को आरोपों पर जवाब देने और स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
वहीं, सोनिया गांधी ने पहले इन आरोपों को आधारहीन और राजनीति से प्रेरित बताया था। उनका पक्ष रहा है कि शिकायत में कथित फर्जीवाड़े को साबित करने वाला कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं किया गया।
अब मामला दोबारा मजिस्ट्रेट के सामने जाएगा, जहां पक्षों को सुनने और उचित जांच के बाद नया आदेश दिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को तय की गई है।
Anchor: IIT बॉम्बे में एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में सेकेंड ईयर स्टूडेंट की मौत के मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को डीन पद से सस्पेंड कर दिया है। वहीं, संस्थान ने छात्र की मौत को लेकर पहले कही गई अपनी बातों के लिए माफी भी मांगी है। वहीं, संस्थान ने स्टूडेंट की मौत को लेकर पहले कही गई अपनी बातों के लिए माफी भी मांगी है।
IIT बॉम्बे का कहना है कि छात्र की मौत से पहले क्या हुआ था, इसके बारे में जांच पूरी होने से पहले कुछ भी बताना सही नहीं था। 22 साल के स्टूडेंट 18 सितंबर की रात पवई कैंपस स्थित हॉस्टल के कमरे में मृत मिले थे
IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को अपने ऑफिशियल बयान में कहा था कि घटना वाले दिन छात्र को मिड-सेमेस्टर एग्जाम में फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान ने दावा किया था स्टूडेंट ने ChatGPT पर Question Paper अपलोड करने की कोशिश की। फिर हॉस्टल जाकर उन्होंने सुसाइड कर लिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक IIT बॉम्बे में सुसाइड का यह तीसरा और देश का 9वां मामला है। पिछले 6 साल के दौरान 2025 में सबसे ज्यादा 16 IIT छात्रों ने सुसाइड किया था। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की हैं।
मृत छात्र के माता-पिता ने फैकल्टी टीचर समेत संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों के ख़िलाफ़ पवई पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण क़ानून के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा गया है, "संस्थान के डायरेक्टर और फैकल्टी टीचर ने जातिसूचक गालियां दीं और मानसिक रूप से परेशान किया. हमारे बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया।"
दूसरी तरफ़, आईआईटी बॉम्बे ने मीडिया को दिए जवाब में इन आरोपों को ख़ारिज किया है। संस्थान ने कहा है कि ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है।
मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
Anchor: उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्य के बंटवारे का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश चार हिस्सों में बंटेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि जिस दिन अलग पूर्वांचल राज्य बनेगा, वहां पहला मुख्यमंत्री राजभर समाज से होगा।
*ओमप्रकाश राजभर की बाइट रिपोर्टर का सवाल छोड़ बाकी पूरी लगेगी*
वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलश यादव ने राज्य के बंटवारे का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जो देश बांटने की बात कर रहे हैं वहीं राज्य को बांटना चाहते हैं:
*अखिलेश यादव बाइट पूरी लगनी है*
वैसे उत्तर प्रदेश के विभाजन की मांग नई नहीं है। 2011 में तत्कालीन मायावती सरकार ने उत्तर प्रदेश को चार राज्यों—पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिम प्रदेश और अवध प्रदेश—में बांटने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराया था। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया, लेकिन आगे नहीं बढ़ सका।
अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजभर के बयान ने उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन की पुरानी बहस को एक बार फिर सियासी मुद्दा बना दिया है।
Anchor: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ यानी DUSU चुनाव में ABVP की बड़ी जीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। ABVP ने केंद्रीय पैनल की चार में से तीन सीटों—अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की।
नतीजों के बाद महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके से ABVP की जीत को लेकर सवाल किया गया। दीपके ने चुनाव नतीजों को धनबल से जोड़ते हुए दावा किया कि DUSU चुनाव में पैसे की बड़ी भूमिका रहती है। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में बार-बार कहा कि चुनावों में “पैसा चलता है।”
दीपके ने महंगी गाड़ियों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव प्रचार में रोल्स-रॉयस, ऑडी और BMW जैसी करोड़ों रुपये की गाड़ियों का इस्तेमाल होता है। हालांकि, उनकी ओर से इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश किए जाने का उल्लेख रिपोर्ट में नहीं है।
DUSU चुनाव के नतीजे इसलिए भी चर्चा में हैं क्योंकि हाल के महीनों में दिल्ली के जंतर मंतर में पेपर लीक के मुद्दे पर छात्र और जेन-जी का बड़ा आंदोलन हुआ था। ABVP की जीत के बाद भाजपा नेताओं ने इसे युवाओं के समर्थन से जोड़ा है। वहीं कांग्रेस और NSUI ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मतगणना और प्रचार में समान अवसर को लेकर आरोप लगाए हैं।
ऐसे में DUSU के नतीजों के बाद अब सियासी बहस इस बात पर केंद्रित है कि छात्र राजनीति में मुद्दे और संगठन ज्यादा प्रभावी रहे या चुनावी संसाधनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Anchor: गुरुग्राम रोडरेज की पीड़िता ने द फेडरल से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि सड़कों पर महिला बाइकर्स के साथ होने वाले रोजमर्रा के उत्पीड़न का दर्द साझा किया। उन्होंने कहा कि जब राइडिंग जैकेट और पैड पहने होते हैं, तो दूर से पता नहीं चलता कि राइडर महिला है या पुरुष। लेकिन जैसे ही बाल बाहर दिखते हैं, सड़कों पर मनचले गाड़ियों और बाइकों से कट मारने लगते हैं, आगे आकर अचानक ब्रेक लगाते हैं और पीछा करते हैं। कई बार ऐसी स्थिति से बचने के लिए उन्हें अपने बाल जैकेट के भीतर छिपाकर राइड करनी पड़ती है।
Anchor: पाकिस्तान में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच अब सरकार की तरफ से बड़ी चेतावनी सामने आई है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा है कि अगर देश में पेट्रोल की कमी पैदा होती है, तो इसकी कीमत 1,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिलहाल देश में पेट्रोल की कोई कमी नहीं है।
मलिक के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाया है। उनका कहना है कि एक मार्च के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें करीब 80 फीसदी बढ़ी हैं, जबकि पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सरकार की प्राथमिकता फिलहाल ईंधन की सप्लाई बनाए रखना है।
पाकिस्तान पहले ही महंगे पेट्रोल से जूझ रहा है। सितंबर में कई बार कीमतों में बदलाव हुआ है। इसके साथ ही सरकार ने ईंधन की खपत घटाने के लिए सरकारी गाड़ियों के फ्यूल कोटे में कटौती और नई सरकारी गाड़ियों की खरीद पर रोक जैसे कदम भी उठाए हैं।
आम लोगों को राहत देने के लिए शहबाज शरीफ सरकार ने दोपहिया, तिपहिया और छोटी कारों के लिए टारगेटेड फ्यूल सब्सिडी भी शुरू की है। पेट्रोलियम मंत्री के मुताबिक, इस राहत व्यवस्था के तहत कमजोर तबकों के लिए 30 से 40 अरब पाकिस्तानी रुपये तक की रकम डायवर्ट की गई है और देशभर के हजारों पेट्रोल पंपों के जरिए योजना लागू की जा रही है।
यानी 1,000 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल की बात मौजूदा कीमत नहीं, बल्कि संभावित सप्लाई संकट की स्थिति को लेकर सरकार की चेतावनी है। फिलहाल पाकिस्तान की कोशिश बढ़ती वैश्विक कीमतों के बीच ईंधन की सप्लाई को सामान्य बनाए रखने की है।

