Aaj Ki Taaza Khabar : दिन की अहम खबरें
आज की ताजा खबर में जानें दिन भर की अहम खबरें एक साथ
नमस्कार दिनभर की बड़ी खबरों में आपका स्वागत है।..... एक नजर अभी तक की सुर्खियों पर
1. पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल जारी, रेजीनगर में ममता के उम्मीदवार का यू-टर्न, पहले मैदान छोड़ा फिर चुनाव लड़ने का ऐलान
2. इंदौर में राहुल की ‘छात्रों की गूंज’, पेपर लीक से बेरोजगारी तक युवाओं के मुद्दों पर संवाद
3. IIT बॉम्बे छात्र की मौत पर कैंपस में उबाल, 400 से ज्यादा छात्र प्रदर्शन में उतरे
4. DTC ड्राइवरों की हड़ताल से बस सेवा प्रभावित, 2,693 ड्राइवरों की तैनाती में फेरबदल
5. पंजाब में सीएम मान के काफिले पर रवनीत बिट्टू ने फेंके अंडे-टमाटर, पुलिस ने हिरासत में लिया
6. दिशा सालियान की मौत का मामला: आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस मिला।
7. ट्रंप ने रूसी प्रतिबंध बिल पर किए साइन, नए कानून से भारत पर 100% अतिरिक्त टैरिफ का खतरा
Anchor: पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में शनिवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने पहले चुनाव मैदान से हटने का ऐलान किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद अपना फैसला बदल दिया। अब वह रेजीनगर से उपचुनाव लड़ेंगे।
रबीउल आलम चौधरी ने शुरुआत में उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा था कि पार्टी को नया चुनाव चिह्न मिला है और इतने कम समय में इसे मतदाताओं तक पहुंचाना मुश्किल होगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं पर दबाव और कुछ कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठाया था।
हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद तस्वीर बदल गई। रबीउल ने बताया कि ममता बनर्जी से बातचीत के बाद उन्होंने चुनाव मैदान में बने रहने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि वह नए चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ेंगे और प्रचार भी शुरू करेंगे।
इससे एक दिन पहले नंदीग्राम में ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने भी अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी। इसके बाद ममता बनर्जी ने वहां कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की थी। हालांकि कुछ ही घंटों के बाद कांग्रेस उम्मीदवार को 2007 के एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
दरअसल, चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच विवाद के बीच उपचुनाव के लिए अलग-अलग नाम और सिंबल किए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ चुनाव चिह्न मिला है। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ सिंबल आवंटित किया गया।
रेजीनगर सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। यह सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
Anchor: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्य प्रदेश के इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए छात्रों और युवाओं से संवाद कर रहे हैं। कार्यक्रम का आयोजन रीजनल पार्क के सामने इंदौर विकास प्राधिकरण के मैदान में किया।
‘छात्रों की गूंज’ अभियान का फोकस शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रिया और बेरोजगारी से जुड़े मुद्दों पर है। इसके अलावा पेपर लीक, सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं और पढ़ाई की बढ़ती लागत जैसे विषय भी इस अभियान का हिस्सा हैं। राहुल गांधी इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में इस तरह के कार्यक्रम कर चुके हैं। इंदौर में इस अभियान का यह पांचवां आयोजन है।
इंदौर के कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों और युवाओं के साथ सीधे बातचीत की। कांग्रेस की ओर से इस कार्यक्रम को मुख्य रूप से युवा और छात्र केंद्रित रखा गया। आयोजन में शामिल होने के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम पहले 12 सितंबर को नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित था। हालांकि, स्टेडियम के इस्तेमाल की अनुमति नहीं मिलने के बाद इसकी तारीख और स्थान में बदलाव किया गया। इसके बाद 19 सितंबर को रीजनल पार्क के सामने आईडीए के मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला हुआ।
राहुल गांधी के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से आयोजकों के लिए सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, एंट्री-एग्जिट, पार्किंग, मेडिकल सुविधा और आपात स्थिति से जुड़ी कई शर्तें तय की गई हैं। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।
कुल मिलाकर, ‘छात्रों की गूंज’ के जरिए राहुल गांधी का फोकस युवाओं से जुड़े शिक्षा, परीक्षा, भर्ती और रोजगार जैसे मुद्दों पर संवाद करने पर है।
Anchor: मुंबई स्थित IIT बॉम्बे में एक छात्र की मौत के बाद कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्र ने कथित तौर पर हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। छात्र संस्थान से मामले की विस्तृत जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं भी टाल दी गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, मृतक IIT बॉम्बे के Department of Energy Science and Engineering में सेकेंड ईयर BTech का छात्र था।
IIT बॉम्बे के बयान के मुताबिक, 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान छात्र मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था। संस्थान का कहना है कि उसने परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड कर जवाब हासिल करने की कोशिश की थी।
IIT बॉम्बे के मुताबिक, छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। इंस्ट्रक्टर और डिपार्टमेंट हेड ने उससे बात कर मामले को समझाया था। साथ ही उसे भरोसा दिलाया गया था कि इस घटना से उसके अकादमिक करियर पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
परीक्षा शाम 4 बजे खत्म होने के बाद छात्र हॉस्टल लौट गया, जहां शाम को वह मृत मिला।
घटना के बाद 400 से ज्यादा छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बाद में IIT बॉम्बे के डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों से मुलाकात की। संस्थान ने छात्र की मौत पर गहरा दुख जताया है। मामले की जांच की जा रही है।
Anchor: दिल्ली परिवहन निगम यानी DTC के कॉन्ट्रैक्ट बस ड्राइवरों की हड़ताल जारी है और इसका असर बस सेवाओं पर पड़ रहा है। इस बीच DTC ने बसों का संचालन बढ़ाने के लिए अपने मौजूदा 2,693 कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवरों की ड्यूटी और तैनाती में बदलाव किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक DTC ने पहले से काम कर रहे इन ड्राइवरों को जरूरत के हिसाब से एक डिपो से दूसरे डिपो में अस्थायी रूप से भेजने का फैसला किया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा बसों को सड़कों पर उतारा जा सके। DTC की कोशिश मौजूदा ड्राइवरों की तैनाती में बदलाव करके बसों की संख्या बढ़ाने की है।
DTC के पर्सनल डिपार्टमेंट की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह व्यवस्था अस्थायी है और इसे स्थायी ट्रांसफर या पोस्टिंग नहीं माना जाएगा।
इसके अलावा ऐसे कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर, जो फिलहाल कंडक्टर की ड्यूटी कर रहे हैं, उनसे भी बस चलाने का काम लिया जा सकता है। हालांकि इसके लिए उनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना और दूसरी जरूरी शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
दूसरी तरफ, कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर कायम हैं। ड्राइवर वेतन बढ़ाने के साथ मेडिकल सुविधा, बोनस, छुट्टी, बीमा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभों की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी ड्राइवरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
दिल्ली सरकार का कहना है कि वेतन बढ़ोतरी को छोड़कर ड्राइवरों की ज्यादातर मांगों पर सहमति बन चुकी है। हालांकि प्रदर्शनकारी ड्राइवर सरकार के इस दावे से सहमत नहीं हैं।
Anchor: वहीं पंजाब में आज बड़ा सियासी बवाल देखने को मिला। लुधियाना में शनिवार को बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बिट्टू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले पर अंडे और टमाटर फेंककर विरोध प्रदर्शन किया।
बिट्टू पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले के गुजरने के दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। यह घटना पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी यानी PAU के बाहर हुई, जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान किसान मेले में शामिल होने पहुंचे थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिट्टू अपने साथ अंडे और टमाटर लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री का काफिला गुजरने के दौरान उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। बिट्टू के हाथ में शराब की एक बोतल भी थी। इसके बाद लुधियाना पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक दिन पहले हुई घटना को वजह बताया जा रहा है। शुक्रवार को बिट्टू बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शामिल होने के लिए पठानकोट जा रहे थे। बिट्टू ने आरोप लगाया कि बटाला के पास उनके काफिले पर कुछ लोगों ने अंडे, टमाटर और अन्य चीजें फेंकीं। उन्होंने दावा किया कि इस घटना में उनके काफिले की कुछ गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।
बिट्टू ने इस घटना के लिए आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, AAP की ओर से इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि पार्टी कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे।
शनिवार को बिट्टू ने कहा कि वह एक दिन पहले उनके काफिले पर फेंके गए अंडे और टमाटर को ‘वापस’ करने आए हैं। उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी राज्य से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी।
इस घटनाक्रम के बाद पंजाब में बीजेपी और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।
Anchor: दिशा सालियन की मौत के मामले में एक और कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। दिशा के पिता सतीश सालियन की ओर से उनके वकील नीलेश ओझा ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में 500 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोटिस में आदित्य ठाकरे और उनकी ओर से अदालत में रखे गए पक्ष के कुछ बयानों पर आपत्ति जताई गई है। सतीश सालियन का कहना है कि अपनी बेटी की मौत की नए सिरे से जांच की उनकी मांग को राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताना और यह कहना कि उन्हें आदित्य ठाकरे को परेशान करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है।
नोटिस में कथित मानहानिकारक बयानों को वापस लेने और माफी मांगने की मांग भी की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके लिए सात दिन का समय दिया गया है।
दूसरी तरफ आदित्य ठाकरे अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते रहे हैं। उन्होंने कहा है कि वह दिशा सालियन से न कभी मिले और न उनकी उनसे कोई जान-पहचान थी। ठाकरे का कहना है कि पिछले कई वर्षों से राजनीतिक और निजी कारणों से उनका नाम इस मामले से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच होने देने की बात कही है।
दिशा सालियन की जून 2020 में मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की थी।
इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद *CBI ने 14 सितंबर को FIR दर्ज की थी।* हाईकोर्ट ने दिशा सालियन की मौत की जांच CBI को करने का निर्देश दिया था। साथ ही अदालत ने साफ किया था कि *जब तक किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त सामग्री या सबूत नहीं मिलते, तब तक उसे आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।* अब CBI इस मामले की जांच कर रही है।
Anchor: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से जुड़े एक अहम विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही ‘Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026’ कानून बन गया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह कानून रूस पर प्रतिबंधों और टैरिफ से जुड़े प्रावधानों का विस्तार करता है और ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों को भी आगे बढ़ाता है।
नए कानून के तहत ट्रंप प्रशासन को उन देशों से आने वाले सामान पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार मिला है, जो बड़े पैमाने पर रूस से तेल और गैस खरीदते हैं या रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं। भारत और चीन रूसी ऊर्जा के प्रमुख खरीदारों में शामिल हैं, इसलिए दोनों देशों पर इस कानून के संभावित असर को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है और हाल के वर्षों में रूस उसके प्रमुख सप्लायर्स में शामिल रहा है।
हालांकि, अभी भारत पर 100 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ नहीं लगाया गया है। नए कानून ने राष्ट्रपति ट्रंप को ऐसा टैरिफ लगाने का अधिकार दिया है। यानी भारत पर टैरिफ लगेगा या नहीं और अगर लगेगा तो उसकी दर कितनी होगी, इसका फैसला ट्रंप प्रशासन को करना है।
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