
शिक्षा विरोधी है भाजपा: नीट विवाद पर अखिलेश और डिंपल का संसद में हमला
नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर अखिलेश और डिंपल यादव का हमला। डिंपल ने लगाया छात्रों पर बर्बरता का आरोप।
Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन के मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सत्ता में आने के बाद से देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर दिया है और शिक्षण संस्थानों में अपने अनरजिस्टर्ड लोगों को बैठा रही है। वहीं सांसद डिंपल यादव ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पुलिसिया कार्रवाई को बर्बरता करार देते हुए गृह मंत्री से संसद में जवाब देने की मांग की है।
"भाजपा के एजेंडे में नौकरी-रोजगार नहीं" – अखिलेश यादव
संसद परिसर में अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षा और शिक्षण संस्थानों को बचाने के लिए पूरा विपक्ष एकजुट खड़ा है। उन्होंने नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन करने वाले नौजवानों के मनोबल की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए छात्रों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। बिहार में कई छात्रों को जेल भेजा गया है और सोशल मीडिया पर लिखने मात्र से युवाओं पर कार्रवाई की जा रही है। अखिलेश ने सवाल उठाया कि पेपर लीक के बाद जिन बच्चों ने मानसिक तनाव में आकर जान गवाई, सरकार ने उनके परिवारों की क्या मदद की? उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और सामाजिक न्याय के हक के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
"बेटियों के कपड़े फाड़े, पैलेट गन चलाई" – डिंपल यादव का गंभीर आरोप
मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण और अहिंसक आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, पैलेट गन चलाई गई और कील लगी लाठियों से बच्चों को पीटा गया। डिंपल ने आरोप लगाया कि पुलिसिया कार्रवाई के दौरान बेटियों के कपड़े तक फाड़े गए और बिहार में आंदोलनकारी छात्रों को डराने के लिए एके-47 तक का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान को कुचला जा रहा है तथा नागरिकों की आजादी छीनी जा रही है। इन तमाम घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गृह मंत्री को संसद के भीतर देश को जवाब देना चाहिए।
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