
दिल्ली प्रदर्शन के बाद अखिलेश यादव का वार, 'हौसले हिरासत से नहीं रुकते'
दिल्ली में छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए अखिलेश यादव ने रिहाई के बाद ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा। उनका पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल है।
दिल्ली में छात्रों के समर्थन में हुए प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपना पहला सार्वजनिक बयान सोशल मीडिया पर जारी किया है। प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटे बाद अखिलेश ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक भावनात्मक संदेश साझा किया, जिसे लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
उन्होंने लिखा, "जो हौसलों को कर ले क़ैद, कभी वो हिरासत कहाँ बनी।" इस पोस्ट को छात्रों के आंदोलन के समर्थन और सरकार पर राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे थे अखिलेश
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों का आंदोलन जारी है। इस आंदोलन को कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिला है। समाजवादी पार्टी भी खुलकर छात्रों के पक्ष में सामने आई है।प्रधानमंत्री आवास के बाहर आयोजित विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ अखिलेश यादव भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने दोनों नेताओं समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। हालांकि, कुछ समय बाद अखिलेश यादव को रिहा कर दिया गया।
हिरासत के दौरान सामने आया वीडियो
हिरासत के दौरान अखिलेश यादव का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें पुलिस उन्हें वाहन में बैठाकर ले जाती दिखाई दे रही है। वीडियो में अखिलेश पुलिसकर्मियों से पूछते नजर आते हैं? "पुलिस भाई, मुझे कहाँ ले जा रहे हो?" यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पहले भी छात्रों के आंदोलन में सक्रिय रही सपा
20 जुलाई को CJP के संसद मार्च के दौरान भी छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े थे।उस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव भी सक्रिय रूप से मौजूद थीं। उन्होंने घायल छात्रों की मदद की और आंदोलनकारियों के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई थी।
सोशल मीडिया पर साझा की प्रदर्शन की तस्वीरें
अपने ताजा पोस्ट के साथ अखिलेश यादव ने प्रदर्शन की कई तस्वीरें भी साझा की हैं। एक तस्वीर में वह राहुल गांधी के साथ प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं, जबकि अन्य तस्वीरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद दिखाई दे रहे हैं।
आगे भी जारी रह सकता है विरोध
अखिलेश यादव के बयान और विपक्ष के तेवरों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि छात्र आंदोलन और कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना रह सकता है। समाजवादी पार्टी ने भी संकेत दिए हैं कि वह छात्रों की मांगों के समर्थन में अपना आंदोलन जारी रखेगी।

