
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- देश और छात्र सर्वोपरि
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह ने कहा कि देश, युवा और छात्रों का हित सर्वोपरि है। उन्होंने शिक्षा सुधार, NEET में पारदर्शिता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, युवा और विद्यार्थी हैं। शाह ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसी सोच और जिम्मेदारी का परिचायक है।
अमित शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भाजपा के लिए सत्ता या पद से अधिक देश और युवाओं का हित सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और NEET पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुधारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कदम सराहनीय हैं। शाह ने विश्वास जताया कि इन फैसलों से NEET परीक्षा में सफल छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित होगा और परीक्षा प्रणाली में लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना
अमित शाह ने अपने बयान में धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के रूप में किए गए कार्यों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिली। साथ ही मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों का विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक समन्वय जैसे कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए।
'छात्र-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था की दिशा में अहम योगदान'
गृह मंत्री ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान का पूरा कार्यकाल विकसित भारत के संकल्प और शिक्षा सुधारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।अमित शाह ने दोहराया कि मोदी सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाती रहेगी।

