श्रीराम मंदिर के कथित घोटाले पर केजरीवाल का हमला, निष्पक्ष जांच की मांग
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श्रीराम मंदिर के कथित घोटाले पर केजरीवाल का हमला, निष्पक्ष जांच की मांग

अरविंद केजरीवाल ने श्रीराम मंदिर से जुड़े कथित दान, भूमि और निर्माण घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए केंद्र पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया और राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया।


आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने श्रीराम मंदिर से जुड़े कथित दान, भूमि और निर्माण घोटाले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क से पार्टी के राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अभियान में शामिल होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित पत्र पर हस्ताक्षर करने की अपील की।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

जापानी पार्क में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देशवासियों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेंगे और सख्त कार्रवाई करेंगे। हालांकि, उनका आरोप है कि हाल की घटनाओं से यह संदेश गया है कि कथित घोटालेबाजों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जिससे लोगों का सरकार पर भरोसा कमजोर हुआ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े कथित भूमि घोटाले और मंदिर निर्माण में कमीशनखोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। उनके अनुसार, दान राशि में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित एसआईटी और दर्ज एफआईआर केवल औपचारिक कार्रवाई हैं और इनका उद्देश्य वास्तविक दोषियों तक पहुंचने के बजाय मामले को दबाना है।


राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत

आम आदमी पार्टी ने कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत सुंदरकांड पाठ के साथ की। इस कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल के अलावा उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।पार्टी ने लोगों से अभियान में शामिल होकर कथित दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग का समर्थन करने की अपील की।

मंदिर परिसर में अनियमितताओं के लगाए आरोप

सभा के दौरान केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि 40 दिनों के भीतर मंदिर परिसर में चोरी की 70 घटनाएं सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हुईं, जबकि आठ महीने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग कथित तौर पर हटा दी गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे और निर्माण कार्य से जुड़े मामलों में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक दस्तावेज या साक्ष्य कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत नहीं किया।

निष्पक्ष जांच की मांग

केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करती रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि सत्ता से जुड़े लोगों के नाम सामने आने के कारण पूरे तंत्र का इस्तेमाल कथित दोषियों को बचाने के लिए किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार की कथित निष्क्रियता से राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा पत्र

कार्यक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक पत्र भी पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से देशभर के श्रद्धालुओं का समर्थन जुटाकर यह पत्र प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। पत्र में श्रीराम मंदिर से जुड़े सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

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