ई-20 पेट्रोल से वाहन खराब हुए तो जिम्मेदार कौन? केजरीवाल ने उठाया बड़ा मुद्दा
x

ई-20 पेट्रोल से वाहन खराब हुए तो जिम्मेदार कौन? केजरीवाल ने उठाया बड़ा मुद्दा

आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और ऑटो कंपनियों से जवाब मांगा। उन्होंने वाहन क्षति की स्थिति में जिम्मेदारी और मुआवजे की मांग उठाई।


आम आदमी पार्टी (AAP) ने देशभर में ई-20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल की आपूर्ति को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने कुछ वाहन निर्माता कंपनियों से सार्वजनिक रूप से यह कहने के लिए कहा कि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से ई-10 वाहनों को कोई नुकसान नहीं होगा। हालांकि, उनका आरोप है कि कई कंपनियों की ओनर मैनुअल (वाहन पुस्तिका) में इससे अलग सलाह दी गई है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह इस पूरे मामले को लेकर वाहन निर्माता कंपनियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे। उन्होंने मांग की कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए और इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब दिया जाए।

छह ऑटो कंपनियों का किया जिक्र

केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने छह प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों से ई-20 पेट्रोल के समर्थन में सार्वजनिक बयान देने को कहा था। उनके अनुसार, इनमें से तीन कंपनियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया, जबकि मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प ने सार्वजनिक रूप से कहा कि ई-20 पेट्रोल से ई-10 वाहनों को कोई नुकसान नहीं होगा।



उन्होंने कहा कि वह इन कंपनियों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि यदि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी वाहन की माइलेज कम होती है या इंजन, फ्यूल सिस्टम अथवा अन्य पुर्जों को नुकसान पहुंचता है, तो क्या कंपनियां इसकी लिखित गारंटी देंगी और उपभोक्ताओं को हुए नुकसान की भरपाई करेंगी।

प्रधानमंत्री को भी लिखेंगे पत्र

AAP संयोजक ने कहा कि अगले सप्ताह वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि वह यह जानना चाहते हैं कि यदि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी वाहन को नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार लेगी या वाहन निर्माता कंपनियां।

पुराने वाहनों को लेकर जताई चिंता

केजरीवाल ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे दोपहिया और चारपहिया वाहन हैं, जिन्हें मूल रूप से ई-10 पेट्रोल के अनुरूप डिजाइन किया गया था। उनके अनुसार, वर्ष 2023 के बाद बनने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ई-20 अनुकूल बनाया गया है। ऐसे में पुराने वाहनों के मालिकों के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ वाहन कंपनियों की ओनर मैनुअल में 10 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के उपयोग को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उनका कहना है कि यदि ई-20 पेट्रोल के कारण माइलेज घटती है या वाहन के प्रदर्शन पर असर पड़ता है, तो इसका आर्थिक बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाना चाहिए।

ई-0, ई-10 और ई-20 के विकल्प देने की मांग

केजरीवाल ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि कई देशों ने एथेनॉल मिश्रित ईंधन की ओर धीरे-धीरे कदम बढ़ाया है और कुछ देशों में आज भी ई-0, ई-10 तथा ई-20 जैसे अलग-अलग विकल्प उपलब्ध हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि भारत में भी उपभोक्ताओं को उनके वाहन की अनुकूलता के अनुसार ईंधन चुनने का विकल्प दिया जाए।

केंद्र सरकार का पक्ष

केंद्र सरकार लगातार कहती रही है कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण घटाना, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और किसानों के लिए अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति के तहत इस कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और वाहन निर्माता कंपनियां भी नियामकीय समयसीमा के अनुरूप ई-20 अनुकूल वाहन बाजार में ला रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट में भी उठ चुका है मुद्दा

एथेनॉल मिश्रण का मुद्दा हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में भी उठ चुका है। उस दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया था कि यह कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और इसके प्रभावों का लगातार आकलन किया जा रहा है। वहीं, वाहन निर्माता कंपनियां समय-समय पर यह कहती रही हैं कि नए मॉडल ई-20 ईंधन के अनुरूप विकसित किए जा रहे हैं और उपभोक्ताओं को अपने वाहन निर्माता की सलाह के अनुसार ही ईंधन का उपयोग करना चाहिए।

हालांकि, केजरीवाल का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार और वाहन कंपनियां संभावित नुकसान की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं करतीं, तब तक इस नीति को लेकर सवाल बने रहेंगे। उन्होंने मांग की कि यदि ई-20 पेट्रोल के उपयोग से किसी वाहन को नुकसान होता है या उसकी ईंधन दक्षता प्रभावित होती है, तो उपभोक्ताओं को उचित मुआवजा मिलना चाहिए।

Read More
Next Story