BRICS से बांग्लादेश PM की दूरी, फिर अडानी का पावर Plant बंद; टाइमिंग पर BNP का सवाल
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BRICS से बांग्लादेश PM की दूरी, फिर अडानी का पावर Plant बंद; टाइमिंग पर BNP का सवाल

झारखंड में अडानी पावर की गोड्डा यूनिट बंद होने से बांग्लादेश को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। यह प्लांट बांग्लादेश को बिजली सप्लाई करता है।


सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक सीनियर नेता ने आरोप लगाया है कि झारखंड में अडानी पावर की गोड्डा यूनिट का बंद होने का लिंक पीएम तारिक रहमान के पिछले वीकेंड नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स समिट में शामिल नहीं होने से है। यह प्लांट बांग्लादेश को बिजली सप्लाई करती है।

अधिकारियों ने बताया कि 800 MW की यूनिट-2 में बॉयलर की खराबी आने के बाद गुरुवार आधी रात (10 सितंबर) के आसपास यह यूनिट बंद हो गई। इसके बाद बांग्लादेश को लगभग 84 घंटों तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। खबरों के मुताबिक, बारिशाल के एक अस्पताल में नर्सों को मरीजों के इलाज के लिए टॉर्च का इस्तेमाल करना पड़ा।

अडानी पावर के 1,600 MW के दो यूनिट (2x800 MW) गोड्डा ज़िले के मोटिया, पटवा में स्थित हैं। कंपनी के अनुसार, यह अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट (USCTPP) पहला ऐसा थर्मल पावर प्लांट है जो अपनी पूरी बिजली सप्लाई बांग्लादेश को भेजता है। यह सप्लाई 130 km लंबी, 400 kV की क्रॉस-कंट्री डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन के ज़रिए होती है, जो सीधे और खास तौर पर बांग्लादेश ग्रिड से जुड़ी हुई है।

पावर ग्रिड बांग्लादेश के पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर मो. नाहिद हसन ने 'द डेली स्टार' अख़बार को बताया, "इस यूनिट को आज (13 सितंबर) दोपहर करीब 12:04 बजे बांग्लादेश के नेशनल ग्रिड से जोड़ा गया, जिससे बिजली की सप्लाई फिर से शुरू हो सकी।"

BNP नेता के आरोप
12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) समिट हुई, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दुनिया के कई बड़े नेता शामिल हुए। हालांकि, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहमान ने इस समिट में शामिल न होने का फ़ैसला किया।

झारखंड में अडानी पावर की दो यूनिट में से एक के बंद होने पर प्रतिक्रिया देते हुए, BNP के कार्यवाहक महासचिव रूहल कबीर रिज़वी ने आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि रहमान ब्रिक्स समिट में शामिल नहीं हुई थीं। उन्होंने दावा किया कि भारत ने रहमान को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि किसी और भूमिका में आमंत्रित किया था।

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, रिज़वी ने कहा, “तारिक रहमान एक आज़ाद और संप्रभु देश के प्रधानमंत्री हैं। तो, क्या आप उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं बुलाएंगे? क्या वह किनारे बैठे रहेंगे? ऐसा नहीं हो सकता। वह नहीं गए। न जाकर, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री ने देश की गरिमा, आज़ादी और संप्रभुता को बनाए रखा।” उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने (तारिक ने) न जाने का फ़ैसला किया, और अगले ही दिन उसे बंद कर दिया गया। इसके पीछे क्या वजह थी? क्या इसे समझने के लिए बार एग्ज़ाम पास करना ज़रूरी है? क्या इसके लिए किसी यूनिवर्सिटी से PhD की ज़रूरत है? हम समझते हैं कि क्या हुआ।”

भारत ने कहा कि रहमान को ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए दो निमंत्रण भेजे गए थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार (15 सितंबर) को कहा, "हमने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया था। इसके बाद, उन्हें बिम्सटेक (BIMSTEC) के अध्यक्ष के तौर पर ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए भी निमंत्रण दिया गया। इसलिए, उन्हें दो निमंत्रण मिले थे - एक द्विपक्षीय यात्रा के लिए और दूसरा ब्रिक्स समिट में भाग लेने के लिए।"

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