
नामांकन के बाद वीणा मानवी हिरासत में, तेज प्रताप ने बताया साजिश
बांकीपुर उपचुनाव में नामांकन दाखिल करने के बाद जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। तेज प्रताप यादव ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कोर्ट जाने की बात कही।
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए जनशक्ति जनता दल (जेएसजेडी) की उम्मीदवार वीणा मानवी को सोमवार को नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद पटना कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया।हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वीणा मानवी को किस मामले में हिरासत में लिया गया है।
नामांकन के बाद पुलिस ने लिया हिरासत में
सोमवार, 13 जुलाई को वीणा मानवी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करने पटना कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। नामांकन प्रक्रिया पूरी करने के बाद जैसे ही वह कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर निकलीं, पहले से मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ ले जाने लगे, जबकि उनके समर्थक पीछे-पीछे नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने वीणा मानवी को वाहन में बैठाकर वहां से रवाना किया। इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर अपने समर्थकों का अभिवादन किया।
कलेक्ट्रेट परिसर में मचा हड़कंप
अचानक हुई पुलिस कार्रवाई से कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। समर्थकों ने हिरासत का विरोध करते हुए नारेबाजी की। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए वीणा मानवी को अपने साथ ले गई।
तेज प्रताप यादव ने बताया राजनीतिक साजिश
वीणा मानवी को हिरासत में लिए जाने पर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि उनकी पार्टी की उम्मीदवार को झूठे मामले में फंसाने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई है।तेज प्रताप यादव ने जारी बयान में कहा, "हमारी पार्टी की प्रत्याशी वीणा मानवी के खिलाफ नामांकन के दिन की गई कार्रवाई पर हमें गंभीर आपत्ति है। यदि उन्हें झूठे मामले में फंसाकर चुनाव प्रभावित करने का प्रयास किया गया है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक है।"
कोर्ट जाने की दी चेतावनी
तेज प्रताप यादव ने कहा कि उनकी पार्टी वीणा मानवी के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ने पर हम अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे। हमें विश्वास है कि बांकीपुर की जनता सत्य और न्याय के साथ खड़ी है और अंततः सच्चाई की जीत होगी।"फिलहाल पुलिस की ओर से हिरासत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

