आरा में बड़ा रेल हादसा टला: महानंदा एक्सप्रेस की 3 बोगियां बेपटरी
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आरा में बड़ा रेल हादसा टला: महानंदा एक्सप्रेस की 3 बोगियां बेपटरी

बिहार के आरा स्टेशन पर महानंदा एक्सप्रेस डिरेल। सिग्नल गड़बड़ी से सासाराम लाइन की ओर मुड़ा इंजन, SLR और H-1 कोच पटरी से उतरे; बड़ा हादसा टला, जांच शुरू।


Train Derail: पंडित दीनदयाल उपाध्याय-दानापुर रेलखंड पर रविवार सुबह आरा रेलवे स्टेशन के पास एक बड़ा रेल हादसा होते-होते बच गया। प्लेटफॉर्म नंबर दो से दिल्ली के लिए रवाना हुई अलीपुरद्वार जंक्शन-दिल्ली महानंदा एक्सप्रेस (15483) स्टेशन से लगभग 200 मीटर आगे बढ़ते ही अप-लाइन में बेपटरी हो गई। हादसे में ट्रेन का इंजन, एसएलआर (गार्ड/लगेज बोगी) और एच-1 (फर्स्ट एसी) कोच ट्रैक से उतर गए। घटना की सूचना मिलते ही दानापुर रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी राहत दल मौके पर पहुंचे और युद्धस्तर पर ट्रैक बहाली का कार्य शुरू किया।


सुबह 4:12 बजे का घटनाक्रम: सिग्नल चूक से भटकी ट्रेन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेन अलीपुरद्वार से चलकर दिल्ली जा रही थी:

प्लेटफॉर्म से रवानगी और चूक: महानंदा एक्सप्रेस सुबह करीब 4:12 बजे आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची थी। दिल्ली के लिए आगे रवाना होते ही किसी तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन का सिग्नल मुख्य दिल्ली लाइन के बजाय सासाराम लाइन (सासाराम लूप) की ओर सेट हो गया।

200 मीटर आगे डिरेलमेंट
: गलत दिशा में आगे बढ़ते ही स्टेशन से 200 मीटर की दूरी पर अप-लाइन में ट्रेन का संतुलन बिगड़ा और इंजन, एसएलआर तथा एच-1 कोच पटरी से नीचे उतर गए।

यात्रियों में अफरा-तफरी: तड़के हुए इस अचानक झटके से सो रहे यात्रियों में चीख-पुकार और दहशत फैल गई। हालांकि, ट्रेन की गति धीमी होने के चलते एक बड़ा अनहोनी टल गई और किसी भी यात्री के हताहत होने की खबर नहीं है।

तीनों बोगियों को री-रेल किया गया, तकनीकी जांच शुरू
घटना के तुरंत बाद रेलवे की एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) मौके पर पहुंची:

ट्रैक रेस्टोरेशन: तकनीकी कर्मचारियों ने त्वरित राहत कार्य करते हुए पटरी से उतरी तीनों बोगियों को जैक और हाइड्रोलिक उपकरणों की मदद से दोबारा ट्रैक पर चढ़ा (Re-rail) दिया।

परिचालन पर असर: हादसे के कारण पंडित दीनदयाल उपाध्याय-दानापुर रेलखंड के अप-लाइन पर रेल यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ, जिसे सामान्य करने के लिए ट्रैक की सुरक्षा जांच की जा रही है।

उच्चस्तरीय जांच के आदेश: रेलवे अधिकारियों की एक विशेष टीम सिग्नलिंग सिस्टम, इंटरलॉकिंग और प्वाइंट्स की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सिग्नल अपने आप सासाराम लाइन की ओर कैसे डायवर्ट हुआ। रेलवे प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।


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