
BJP ने बदले 3 राज्यों के प्रभारी, विनोद तावड़े को मिली यूपी की कमान
बीजेपी ने एक दिन पहले अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था। इसके बाद अब राज्यों के संगठनात्मक प्रभार में बदलाव की शुरुआत हुई है।
बीजेपी ने एक दिन पहले अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था। नितिन नबीन की नई टीम में कई अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी जगह दी गई है। इसके बाद अब राज्यों के संगठनात्मक प्रभार में बदलाव की शुरुआत हुई है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के एक दिन बाद संगठन में एक और अहम बदलाव किया है। मंगलवार, 18 अगस्त को पार्टी ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए राज्य प्रभारियों की घोषणा की। इनमें सबसे महत्वपूर्ण नियुक्ति उत्तर प्रदेश की है, जहां बीजेपी ने राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े को पार्टी का प्रभारी बनाया है।
विनोद तावड़े के साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है। पटेल को हाल ही में बीजेपी का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है। उत्तर प्रदेश बीजेपी के लिए बेहद अहम राज्य है, क्योंकि यहां पार्टी का संगठन और चुनावी रणनीति राष्ट्रीय राजनीति पर सीधा असर डालती है। ऐसे में तावड़े को यूपी की जिम्मेदारी दिया जाना नितिन नबीन की नई संगठनात्मक टीम में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति के तौर पर देखा जा रहा है।
सतीश पूनिया को पंजाब की जिम्मेदारी
पंजाब में बीजेपी ने राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया को पार्टी मामलों का प्रभारी बनाया है। वहीं गुजरात की जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद तरुण चुग को दी गई है। तरुण चुग पहले भी बीजेपी के संगठनात्मक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुके हैं।
पार्टी की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, बाकी राज्यों के प्रभारियों की नियुक्ति आगे की जाएगी। तब तक मौजूदा प्रभारी व्यवस्था जारी रहेगी। घोषित किए गए नए प्रभारियों की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम
इससे पहले सोमवार को बीजेपी ने नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था। नितिन नबीन की नई टीम में कई अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी जगह दी गई है। इसके बाद अब राज्यों के संगठनात्मक प्रभार में बदलाव की शुरुआत हुई है।
इस लिहाज से नितिन नबीन के नेतृत्व में बीजेपी संगठन में बदलाव का यह अगला चरण है। पहले राष्ट्रीय टीम में फेरबदल और अब महत्वपूर्ण राज्यों के प्रभारियों की नियुक्ति से पार्टी संगठन को नए सिरे से व्यवस्थित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ती दिख रही है।

