BPSC शिक्षक भर्ती: नोटिफिकेशन के बाद भी बवाल, लालू बोले- AK-47 वाली सरकार
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BPSC शिक्षक भर्ती: नोटिफिकेशन के बाद भी बवाल, लालू बोले- AK-47 वाली सरकार

BPSC TRE-4 के 32,388 पदों का नोटिफिकेशन जारी। 1 सितंबर से आवेदन, लेकिन PT-Mains के विरोध में गर्दनीबाग में डटे छात्र। तेजस्वी का राजभवन मार्च का ऐलान।


BPSC Exam: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने बहुप्रतीक्षित शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके तहत कुल 32,388 पदों पर भर्तियां की जाएंगी, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन 1 सितंबर से 30 सितंबर तक स्वीकार किए जाएंगे। हालांकि, परीक्षा की तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया गया है।


नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद राजधानी पटना का गर्दनीबाग धरना स्थल छावनी बना हुआ है। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन 'छात्र न्याय सत्याग्रह' पर बैठे अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी बुनियादी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा [cite: TRE-4 और अन्य लंबित परीक्षाओं की मांग को लेकर छात्र कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ पर बैठे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र सत्याग्रह कर रहे हैं। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी छात्रों का कहना कि उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।]।

छात्रों की मुख्य मांगें: "ना PT-Mains का लॉलीपॉप, न मिस्टेक तिवारी का झूंठा वादा"

गर्दनीबाग में राष्ट्रगान, वंदे मातरम और 'रघुपति राघव राजा राम' गाकर सत्याग्रह कर रहे अभ्यर्थियों और छात्र नेता दिलीप कुमार ने सरकार के सामने प्रमुख शर्तें रखी हैं [cite: छात्रों की मांग है कि TRE-4 में सिर्फ एक ही परीक्षा होनी चाहिए। वे PT और मेंस परीक्षा नहीं चाहते हैं। उनका कहना है कि सरकार को जो भी नया प्रयोग करना है, वह TRE-5 से करे। इसके अलावा अभ्यर्थी TRE-4 में डोमिसाइल नीति लागू करने की भी मांग कर रहे हैं।]:

PT और Mains का विरोध: BPSC द्वारा TRE-4 में पीटी (PT) और मेन्स (Mains) दो स्तरीय परीक्षा कराने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध हो रहा है। छात्रों का कहना है कि 66वीं, 67वीं और 70वीं परीक्षाओं में भी पीटी-मेन्स के बावजूद पेपर लीक हुए थे। TRE-4 में पहले ही बहुत देरी हो चुकी है, इसलिए इसमें केवल एक ही परीक्षा हो और नए प्रयोग TRE-5 से लागू किए जाएं।

डोमिसाइल नीति लागू हो: अभ्यर्थियों की मांग है कि बिहार के युवाओं के हितों की रक्षा के लिए TRE-4 भर्ती में डोमिसाइल नीति (राज्य निवासियों को प्राथमिकता) लागू की जाए।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: छात्रों ने बिहार के शिक्षा मंत्री को 'मिस्टेक तिवारी' का नाम देते हुए पोस्टरों के जरिए तंज कसा और कहा कि 25 जुलाई तक नोटिफिकेशन जारी करने और ट्रांसफर-पोस्टिंग के झूठे वादों के बाद अब उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

विपक्ष हुआ आक्रामक: तेजस्वी का राजभवन मार्च, लालू यादव बोले— "AK-47 चलाती है सरकार"

छात्र आंदोलन ने बिहार की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है:

तेजस्वी यादव का दौरा:
मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गर्दनीबाग पहुंचे और धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने ऐलान किया कि 19 अगस्त को छात्रों के साथ मिलकर 'राजभवन मार्च' निकाला जाएगा। उन्होंने सम्राट चौधरी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे मासूम छात्रों पर लाठीचार्ज और गोलियां चलाई गईं, लेकिन दोषी अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई [cite: उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान बिहार के कई जिलों में छात्रों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी की गई, लेकिन अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है।]।

लालू प्रसाद यादव का तंज: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने 'X' पर लिखा कि बदहाल शिक्षा प्रणाली, पेपर लीक और बेरोजगारी से त्रस्त युवाओं की आवाज सुनने के बजाय "लूट तंत्र से बनी सरकार AK-47 से गोलियां बरसाती है" [cite: वहीं, दूसरी तरफ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया 'X' पर लिखा है कि समस्त छात्र-युवा शक्ति पेपरलीक, बदहाल शिक्षा प्रणाली, पक्षपातपूर्ण बहाली प्रक्रिया और बेरोजगारी से त्रस्त हैं। लूट तंत्र से बनी सरकार मांगों को सुनने की बजाय AK-47 से गोलियां बरसाती है, यह अन्यायपूर्ण है।]। उन्होंने 19 अगस्त के पटना प्रदर्शन में सभी युवाओं को एकजुट होने का आह्वान किया।

एनडीए सहयोगियों में भी छटपटाहट: इस बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में गेस्ट टीचरों को प्राथमिकता देने समेत 7 सूत्री मांगें रखी हैं।

JDU का पलटवार
मामले पर सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने पलटवार करते हुए कहा है कि बिहार में जितनी पारदर्शी और रिकॉर्ड सरकारी बहालियां एनडीए शासन में हुई हैं, उतनी देश के किसी अन्य राज्य में नहीं हुई हैं।

गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठे छात्रों का स्पष्ट कहना है कि वे किसी तरह की लीपापोती स्वीकार नहीं करेंगे। अब देखना होगा कि 19 अगस्त को तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकलने वाले राजभवन मार्च के बाद सरकार बैकफुट पर आती है या प्रशासनिक पाबंदियों का इस्तेमाल करती है।


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