जंतर-मंतर पर बड़ा बवाल, प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव, ACP समेत 12 पुलिसकर्मी घायल
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जंतर-मंतर पर बड़ा बवाल, प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव, ACP समेत 12 पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़प हो गई। टॉलस्टॉय मार्ग पर उपद्रवियों की भीड़ ने तैनात पुलिसकर्मियों और आरएएफ के जवानों पर अचानक पथराव कर दिया।


राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक रूप ले चुका है। बुधवार की रात जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में माहौल उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने सुरक्षाबलों पर अचानक हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प और पथराव में दो सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), दो इंस्पेक्टर और कई अन्य पुलिसकर्मियों के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के करीब दर्जनभर जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

टॉलस्टॉय मार्ग पर अचानक शुरू हुई हिंसा

दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना बुधवार रात लगभग साढ़े आठ बजे की है। टॉलस्टॉय मार्ग से संसद मार्ग के बीच का इलाका अचानक से अखाड़ा बन गया। प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह मार्च निकालते हुए टॉलस्टॉय मार्ग पर पहुंचा, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

सुरक्षाबल भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहे थे, तभी अचानक उपद्रवियों ने वहां पहले से तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों और आरएएफ की टीमों पर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते पत्थरों और कांच की बोतलों की बरसात होने लगी। इस अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

उपद्रवियों के हाथों में तलवार और खुखरी होने का दावा

इस हिंसक झड़प को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों के हाथों में लाठी-डंडों और पत्थरों के अलावा धारदार हथियार जैसे तलवार और खुखरी भी नजर आए।

खुफिया इनपुट के हवाले से बताया गया है कि रात के वक्त जंतर-मंतर पर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कुछ बाहरी असामाजिक तत्व शामिल हो रहे हैं। ये बाहरी तत्व ही भीड़ को उकसा रहे हैं और माहौल को जानबूझकर तनावपूर्ण बनाने की साजिश रच रहे हैं। हिंसक भीड़ को बेकाबू होते देख सुरक्षाबलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े

स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिस और आरएएफ की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला। उपद्रवियों को खदेड़ने और इलाके को खाली कराने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके साथ ही हवा में आंसू गैस के एक-दो गोले भी छोड़े गए ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके।

सुरक्षाकर्मियों की सख्त जवाबी कार्रवाई के बाद हमलावर उपद्रवी मौके से भाग खड़े हुए। घटना के तुरंत बाद इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया और आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल व आरएएफ की नई टुकड़ियों को मौके पर तैनात कर दिया गया।

ACP कनॉट प्लेस समेत 12 जवान अस्पताल में भर्ती

अचानक हुए इस हमले में दिल्ली पुलिस और आरएएफ को भारी नुकसान पहुंचा है। पथराव और बोतलों के हमले में कनॉट प्लेस के एसीपी समेत दो एसीपी स्तर के अधिकारी, दो पुलिस इंस्पेक्टर और करीब आठ अन्य जवान घायल हो गए।

हमले में गंभीर रूप से चोटिल हुए अधिकारियों और जवानों को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए पास के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ले जाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल सभी घायल जवानों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान: 'मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन'

दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों का रुख भी कड़ा बना हुआ है। आंदोलन की अगुआई कर रहे अभिजीत दीपके ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिसिया कार्रवाई या लाठीचार्ज से उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता और सोनम वांगचुक की मांगें नहीं मान ली जातीं, तब तक यह प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सोनम वांगचुक का त्याग और भूख हड़ताल बेकार नहीं जाएगी।

लाउडस्पीकर से शांति की अपील, जांच में जुटी पुलिस

घटना के बाद से टॉलस्टॉय मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास के पूरे लुटियंस जोन में भारी पुलिस बल और आरएएफ की तैनाती कर दी गई है। पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए लगातार प्रदर्शनकारियों से कानून हाथ में न लेने और शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।

प्रशासन का कहना है कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। दिल्ली पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम की एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इलाके के सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हिंसा भड़काने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

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