दिल्ली-एनसीआर में बढ़े सीएनजी के दाम, त्योहार से पहले महंगाई की मार
x

दिल्ली-एनसीआर में बढ़े सीएनजी के दाम, त्योहार से पहले महंगाई की मार

चीनी की बढ़ी कीमतों के बाद अब दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी ₹3.89/किग्रा महंगी। दिल्ली में नया रेट ₹86.98 हुआ। त्यौहारों से ठीक पहले आम आदमी के बजट पर पड़ा बड़ा प्रहार।


CNG: त्योहार का सीजन दस्तक दे रहा है, लेकिन खुशियों से पहले देश के आम और मध्यमवर्गीय नागरिकों की जेब पर महंगाई का बड़ा वार हुआ है। रसोई से लेकर दैनिक आवाजाही तक, हर मोर्चे पर आम जनता की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जिस चीनी की आसमान छूती कीमतों और महंगी हुई मिठाइयों से लोग पहले से परेशान थे, अब रोज़मर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले ईंधन कम्प्रेश्ड नेचुरल गैस (CNG) के दामों में भी बड़ा उछाल आ गया है।


इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सीएनजी की कीमतों में ₹3.89 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी लागू कर दी है। इस फैसले के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सीएनजी का खुदरा भाव ₹83.09 से बढ़कर सीधे ₹86.98 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है।

त्यौहारों से ठीक पहले आई इस तेजी ने न केवल आम कार मालिकों, बल्कि ऑटो-रिक्शा चालकों, कैब ऑपरेटर्स और दैनिक यात्रियों के मासिक बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है।

एनसीआर में कहां क्या हैं नई दरें?
राज्यवार लगने वाले टैक्स (VAT) के कारण दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग शहरों में सीएनजी के नए रेट इस प्रकार हैं:

दिल्ली: ₹86.98 प्रति किग्रा

नोएडा और ग्रेटर नोएडा: ₹95.59 प्रति किग्रा

गाजियाबाद: ₹95.59 प्रति किग्रा

गुरुग्राम: ₹92.01 प्रति किग्रा

मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली: ₹95.47 प्रति किग्रा

रसोई से सड़क तक चौतरफा संकट
बाजार विशेषज्ञों और आम उपभोक्ताओं का मानना है कि त्यौहारों के मुहाने पर आई यह बढ़ोतरी बहुस्तरीय असर दिखाएगी:

मीठे पर महंगाई का साया: त्यौहारों के दौरान सबसे ज्यादा मांग चीनी और मिठाइयों की होती है। बाजार में चीनी ₹70 प्रति किलो का आंकड़ा पार कर चुकी है, जिससे मिठाइयों के भाव 25 से 30 प्रतिशत तक चढ़ गए हैं।

दैनिक सफर हुआ महंगा: ऑटो, कैब और पब्लिक बसों में चलने वाले लाखों लोगों के लिए रोजाना का किराया बढ़ना तय माना जा रहा है। ऑटो व कैब चालकों का कहना है कि गैस महंगी होने से उनकी दैनिक कमाई पर सीधा असर पड़ा है।

माल भाड़े और सब्जियों पर असर: सीएनजी की कीमतें बढ़ने से हल्के वाणिज्यिक वाहनों (Commercial Vehicles) की परिचालन लागत बढ़ेगी। इसका सीधा असर बाजार में आने वाली हरी सब्जियों, फलों और पैक्ड सामानों की ढुलाई पर पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में खुदरा महंगाई और भड़क सकती है।

क्यों बढ़ाने पड़े दाम?
कंपनी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राकृतिक गैस की इनपुट लागत में आई भारी तेजी के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री व्यापारिक मार्गों में रुकावट की वजह से वैश्विक स्तर पर 'स्पॉट एलएनजी' (Spot LNG) के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं।

इसके अलावा, यूरोप में आगामी सर्दियों से पहले गैस के बड़े पैमाने पर भंडारण और भारत में बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए महंगी एलएनजी आयात करने की मजबूरी ने कंपनियों पर दबाव बढ़ा दिया था।

हालाँकि, कारण चाहे जो भी हों, धरातल पर सच्चाई यही है कि त्यौहारों की शुरुआत से पहले आम आदमी को राहत मिलने के बजाय हर दिन एक नई वित्तीय चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।


Read More
Next Story