
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 96 साल में पहली बार, भारतीय बॉक्सर्स ने जीते 7 गोल्ड
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने रचा इतिहास। 7 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत 10 पदक जीतकर तोड़ा 96 सालों का पुराना रिकॉर्ड।
Glasgow CWG 2026: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद खुद खेल विशेषज्ञों को भी नहीं थी। खेलों की शुरुआत से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि शूटिंग, कुश्ती और बैडमिंटन जैसे मेडल दिलाने वाले इवेंट्स न होने से भारत पदक तालिका में पिछड़ जाएगा। लेकिन हमारे बॉक्सर्स, जूडो खिलाड़ियों, पैरा-एथलीटों और वेटलिफ्टर्स के शानदार प्रदर्शन ने इन सभी आशंकाओं को धत्ता बता दिया।
रिंग में उतरी भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया। 96 सालों के कॉमनवेल्थ इतिहास में पहली बार भारतीय मुक्केबाजों ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत कुल 10 मेडल अपने नाम किए।
लड़कियों का पंच और लड़कों का धमाकेदार प्रदर्शन
ग्लासगो रवाना होने से पहले भारतीय मुक्केबाजी संघ (BFI) को खुद सिर्फ 3 गोल्ड की उम्मीद थी। पर जब 14 में से 10 खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंचे, तो तस्वीर बदलने लगी। फाइनल के दिन तो भारतीय रिंग पर मानो सोने की बारिश होने लगी।
महिला मुक्केबाज (5 गोल्ड, 1 सिल्वर): हमारी महिला बॉक्सर्स ने रिंग में पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, जैस्मिन लंबोरिया, प्रिया घंघास और अरुंधती चौधरी ने भारत की झोली में 5 गोल्ड डाल दिए। वहीं, ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोर्गोहैन ने सिल्वर मेडल जीता।
पुरुष मुक्केबाज (2 गोल्ड, 2 सिल्वर): पुरुषों के वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने गोल्ड पर पंच जमाया, जबकि जादुमणि सिंह और नरेन्दर बेरवाल को सिल्वर से संतोष करना पड़ा।
बॉक्सिंग में मिले इन 10 पदकों के दम पर भारत गेम्स खत्म होने से ठीक एक दिन पहले 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज़ (कुल 38 मेडल) के साथ मेडल टैली में चौथे नंबर पर पहुंच गया।
64 साल का सूखा और ऐतिहासिक छलांग
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का मुक्केबाजी का सफर आसान नहीं रहा है:
पहला मेडल (1998): 1934 से हिस्सा ले रहे भारत को मुक्केबाजी का पहला मेडल जीतने में 64 साल लग गए, जब जितेंद्र कुमार ने क्वालालंपुर में सिल्वर जीता।
पहला गोल्ड (2002): इसके 4 साल बाद मैनचेस्टर में अली क़मर ने देश को बॉक्सिंग का पहला गोल्ड दिलाया।
2002 के बाद से भारत का ग्राफ लगातार ऊपर चढ़ता गया, और 2026 के ग्लासगो खेलों में यह अपने सबसे शानदार मुकाम पर पहुंच गया।
ग्लासगो 2026 के पदक विजेता
पुरुष मुक्केबाज:
सचिन सिवाच (60 kg): गोल्ड
अंकुश पंघाल (80 kg): गोल्ड
जादुमणि सिंह (55 kg): सिल्वर
नरेन्दर बेरवाल (+90 kg): सिल्वर
महिला मुक्केबाज:
साक्षी चौधरी (51 kg): गोल्ड
प्रीति पवार (54 kg): गोल्ड
जैस्मिन लंबोरिया (57 kg): गोल्ड
प्रिया घंघास (60 kg): गोल्ड
अरुंधती चौधरी (70 kg): गोल्ड
लवलीना बोर्गोहैन (75 kg): सिल्वर
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