
सोनम वांगचुक होंगे मेदांता अस्पताल शिफ्ट, दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश
सफदरजंग से मेदांता भेजे जाएंगे सोनम वांगचुक; हाई कोर्ट ने कहा- स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते; सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और कपिल सिब्बल ने अदालत में रखीं दलीलें।
Sonam Wangchuk: जंतर-मंतर पर एक महीने से जारी आंदोलन और अनशन के बाद डिटेन किए गए प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से हटाकर उनकी पसंद के निजी अस्पताल 'मेदांता' में शिफ्ट करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वांगचुक का पत्र पढ़ने के बाद वे उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं और उनकी स्थिति को देखते हुए लगातार मेडिकल निगरानी बेहद जरूरी है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट में सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों की ताजा मेडिकल रिपोर्ट और राय पेश की गई। कोर्ट ने डॉक्टरों की मेडिकल राय का बारीकी से अध्ययन किया और माना कि वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी अनिवार्य है।
अदालत में वकीलों की तीखी बहस
सुनवाई के दौरान वांगचुक का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल वांगचुक की सेहत को कोई तात्कालिक खतरा नहीं लग रहा है। उन्हें नस (IV) के जरिए दवा देने की जरूरत नहीं पड़ी है और सफदरजंग जैसे सरकारी अस्पताल में भी केवल ओरल (मुंह से ली जाने वाली) दवाएं ही दी गई हैं। सिब्बल ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध स्थल पर भी वांगचुक की लगातार निगरानी की जा रही थी।
दूसरी तरफ, केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट के सामने स्पष्ट किया कि सरकार को सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने अदालत से एक विशेष अनुरोध करते हुए कहा कि आदेश में यह साफ लिखा जाए कि मेदांता के डॉक्टरों की आधिकारिक अनुमति के बिना वांगचुक को डिस्चार्ज न किया जाए। तुषार मेहता ने चिंता जताई कि वांगचुक के आसपास मौजूद कुछ लोग उनके स्वास्थ्य की परवाह किए बिना उन्हें अस्पताल से बाहर ले जाने की कोशिश कर सकते हैं।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने और मेडिकल रिपोर्ट्स का संज्ञान लेने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को तुरंत मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने का प्रस्ताव देते हुए निर्देश जारी कर दिया।
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