
जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल हुए 989 अपराधी! फेस रिकग्निशन कैमरा से खुलासा
दिल्ली पुलिस सूत्रों का दावा है है कि जंतर-मंतर आंदोलन में शामिल हुए थे 989 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग। दिल्ली पुलिस की फेस रिकग्निशन वैन ने डेटाबेस से मैच किए चेहरे।
CJP Protest: जंतर-मंतर पर हाल ही में समाप्त हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 36 दिवसीय आंदोलन को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल और आसपास के इलाकों में तैनात हाई-टेक 'फेशियल रिकग्निशन वैन' (FRV) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरों की मदद से पुलिस ने आंदोलन में शामिल 2,873 लोगों की मैपिंग की। इस डिजिटल जांच में चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है कि प्रदर्शन में शामिल कम से कम 989 लोग पहले से ही गंभीर और जघन्य अपराधों में नामजद रह चुके हैं। पुलिस का दावा है कि नीट-UG पेपर लीक के विरोध में चल रहे इस छात्र आंदोलन की आड़ में हत्या, रेप, डकैती और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल खूंखार अपराधियों ने घुसपैठ कर माहौल बिगाड़ने की साजिश रची थी।
'फेस रिकग्निशन तकनीक' से खुला राज, डेटाबेस से मैच हुए चेहरे
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष फेस रिकग्निशन वैन तैनात की गई थीं।
रियल-टाइम मैपिंग: इन अत्याधुनिक वैनों में लगे कैमरों ने प्रदर्शनकारियों के चेहरों को दिल्ली पुलिस और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के केंद्रीय क्रिमिनल डेटाबेस से स्कैन कर मैच किया।
2800 से ज्यादा चेहरे स्कैन: पुलिस ने भीड़ में मौजूद 2,873 लोगों का डिजिटल बायोमीट्रिक प्रोफाइल खंगाला, जिसमें से करीब एक-तिहाई यानी 989 लोगों का आपराधिक इतिहास (Criminal Antecedents) निकलकर सामने आया।
आदतन अपराधियों की मौजूदगी: जांच में पाया गया कि इनमें से दर्जनों लोग ऐसे थे जो एक या दो नहीं, बल्कि 10 से अधिक संगीन मुकदमों में आरोपी हैं और पेशेवर अपराधी की श्रेणी में आते हैं।
101 हत्यारे और 284 डकैत भीड़ में थे शामिल: पुलिस आंकड़े
आंतरिक रिपोर्ट और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस प्रदर्शन में मौजूद अपराधियों का डेटा बेहद चौंकाने वाला है।
हत्या और जानलेवा हमले: हत्या के मामलों में शामिल 101 अपराधी और हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) के 62 आरोपी प्रदर्शन में सक्रिय रूप से मौजूद थे।
डकैती और लूटपाट का नेटवर्क: डकैती और चोरी (Dacoity/Robbery) के 284 आरोपी चिन्हित किए गए, जिनमें से 31 अपराधियों पर 10 से ज्यादा आपराधिक केस दर्ज हैं।
महिलाओं के खिलाफ अपराध: रेप के 61 आरोपी, छेड़छाड़ के 25 आरोपी और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के 6 आरोपी भी भीड़ का हिस्सा बने हुए थे।
हथियार और नशीले पदार्थ: इसके अलावा आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार) के 229, झपटमारी के 135 और एनडीपीएस (ड्रग्स) से जुड़े 67 आरोपियों की मौजूदगी दर्ज की गई।
"छात्रों के आंदोलन को हायजैक करने की साजिश" – जांच जारी
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर अब दिल्ली पुलिस का रुख और सख्त हो गया है।
उपद्रव का असली कारण: पुलिस अधिकारियों का मानना है कि संसद की ओर बढ़ने, बैरिकेड्स तोड़ने और पुलिस वाहनों पर हमले के पीछे इन्हीं आपराधिक तत्वों का हाथ था।
छात्रों की आड़ में ढाल: सूत्रों का कहना है कि ये पेशेवर अपराधी मासूम छात्रों की भीड़ को ढाल बनाकर कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहे थे।
आगे की कार्रवाई: पुलिस अब फेस रिकग्निशन डेटा और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इन 989 चिन्हित अपराधियों की लोकेशन और आंदोलन में उनकी भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है।
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