
लड़की की मौत का दावा झूठा, दिल्ली पुलिस बोली 'हालत में सुधार'
यूट्यूबर हर्ष छिकारा के फर्जी दावे पर दिल्ली पुलिस का कड़ा रुख; DCP ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी, RML अस्पताल ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन।
Delhi Protest: राजधानी दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर फैली एक फर्जी खबर ने प्रशासनिक और पुलिस अमले में हड़कंप मचा दिया। यूट्यूबर हर्ष छिकारा (Harsh Chhikara) ने अपने आधिकारिक 'X' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई 21 वर्षीय लड़की की मौत हो गई है। हालांकि, दिल्ली पुलिस और डॉक्टर राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल प्रशासन ने तुरंत सामने आकर इस दावे को पूरी तरह से भ्रामक, झूठा और अफवाह करार दिया है।
RML अस्पताल का हेल्थ बुलेटिन: 'वेंटिलेटर से बाहर, हालत में सुधार'
आरएमएल (RML) अस्पताल द्वारा दोपहर 01:00 बजे जारी ताजा हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया:
"21 वर्षीय महिला मरीज, जो प्रदर्शन से जुड़ी घटना में घायल हुई थी, उसका इलाज आरएमएल अस्पताल में चल रहा है। उसमें नैदानिक सुधार (Clinical Improvement) देखा जा रहा है। उसे 24 घंटे पहले ही वेंटिलेटर से हटा लिया गया था (Extubated) और अब वह खुद सांस ले रही है। मरीज पूरी तरह होश में है और डॉक्टरों के निर्देशों का सही जवाब दे रही है। उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन उसे विशेषज्ञों की टीम की देखरेख में क्रिटिकल केयर में रखा गया है।"
हर्ष छिकारा ने अपनी पोस्ट में क्या दावा किया था?
हर्ष छिकारा द्वारा शेयर की गई पोस्ट में एक ग्राफिक पोस्टर के साथ लिखा गया था:
"‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ वाली सरकार ने एक बेटी की ही जान ले ली!!"
वहीं, शेयर किए गए पोस्टर पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था:
"लोकतंत्र में लाठी नहीं, संवाद चाहिए! कल की लाठीचार्ज, आज एक बेटी नहीं रही! जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने की बर्बर लाठीचार्ज! भगदड़ में एक छात्रा की मौत हो गई!"
दिल्ली पुलिस की चेतावनी: 'पैनिक फैलाने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई'
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्पेशल सीपी (कानून एवं व्यवस्था Zone-1) देवेश चंद्र श्रीवास्तव और डीसीपी नई दिल्ली ने इस अफवाह का जोरदार खंडन किया है।
दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही मौत की खबर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जनता में गुस्सा भड़काने और पैनिक पैदा करने का एक 'झूठा प्रोपेगैंडा' है।
डीसीपी नई दिल्ली ने अपील जारी करते हुए कहा:
"इस तरह की भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम सभी से अपील करते हैं कि बिना पुष्टि के किसी भी अफवाह को आगे न बढ़ाएं। शांति और अहिंसा बनाए रखें। लड़की की हालत पहले से काफी बेहतर है और वह इलाज का सकारात्मक जवाब दे रही है।"
पुलिस ने आम जनता और मीडिया से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों और अस्पताल द्वारा जारी बुलेटिन पर ही भरोसा करें।
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