
'बहकावे में आ गई थी'—माफी के बाद नाबालिग पर FIR कार्रवाई रुकी: रिपोर्ट
जंतर-मंतर प्रदर्शन में पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाली नाबालिग के खिलाफ दर्ज FIR पर दिल्ली पुलिस आगे कार्रवाई नहीं करेगी।
राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित हालिया प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाली 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर दिल्ली पुलिस आगे कार्रवाई नहीं करेगी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह फैसला लड़की की ओर से सार्वजनिक माफी मांगने के बाद लिया गया है।
माफी का वीडियो जारी कर कहा- "बहकावे में आ गई थी"
15 वर्षीय रुचिका सिंह ने शनिवार (1 अगस्त) को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपने बयान के लिए माफी मांगी। उसने कहा कि वह दूसरों के प्रभाव में आ गई थी और यह उसकी "पहली और आखिरी गलती" थी।रुचिका ने वीडियो में कहा कि वायरल वीडियो उसने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं किया था। उसने इस घटना पर गहरा अफसोस जताते हुए कहा कि वह बेहद शर्मिंदा है और अपने किए पर पछता रही है।
जीरो FIR के बाद दिल्ली पुलिस को सौंपा गया मामला
रुचिका के माफी वीडियो से पहले उसके खिलाफ नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में मामले को नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने में स्थानांतरित कर दिया गया, क्योंकि कथित घटना दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में हुई थी। वर्तमान में रुचिका अपने परिवार के साथ फरीदाबाद में रहती है।यह जीरो एफआईआर 30 जुलाई को गाजियाबाद निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान लड़की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
किन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला?
मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 (जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करने के उद्देश्य से उकसाना), धारा 353(1) (सार्वजनिक उपद्रव फैलाने वाले बयान) और धारा 356(1) (मानहानि) के तहत दर्ज किया गया था। घटना दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण जांच की जिम्मेदारी उसे सौंपी गई थी।
"लोगों ने मुझे उकसाया"
अपने माफी वीडियो में रुचिका ने बताया कि जुलाई में वह अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस गई थी। वहां उसकी मुलाकात ऐसे लोगों के समूह से हुई जो प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे।उसने कहा, "उन्होंने मुझे भी वही शब्द दोहराने के लिए प्रेरित किया और मैं उनके बहकावे में आ गई।"रुचिका ने आगे कहा, "मैं किसी की आंखों में देखकर बात नहीं कर पा रही हूं। मैं पूरे देश से हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं। मैं सिर्फ 15 साल की हूं। यह मेरी पहली और आखिरी गलती है और भविष्य में मैं कभी ऐसी हरकत नहीं करूंगी।"
प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों को माफ करने की बात कही
शनिवार देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान न सिर्फ उन्हें बल्कि उनकी दिवंगत मां के लिए भी बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे उन्हें दुख पहुंचा।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे "भटके हुए बच्चों" को माफ कर सही रास्ता दिखाया जाना चाहिए।
मां ने पीएम मोदी का जताया आभार
रुचिका की मां ने प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करते हुए उनसे उनकी बेटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की अपील की।उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने देश की एक बेटी को माफ करके अपनी महानता दिखाई है। मैं हाथ जोड़कर उनका धन्यवाद करती हूं। आज मेरी बेटी का नया जन्म हुआ है। प्रधानमंत्री ने उसे जीवनदान दिया है।"उन्होंने आगे कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विनम्र अनुरोध करती हूं कि मेरी बेटी के खिलाफ गलत नाम और उम्र के आधार पर दर्ज एफआईआर को वापस लिया जाए। अब वह आपकी देखरेख में है।"

