दिल्ली की जेलों में वसूली का महारैकेट: जेलर समेत 5 और गिरफ्तार
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दिल्ली की जेलों में वसूली का महारैकेट: जेलर समेत 5 और गिरफ्तार

कैदियों की सुरक्षा के नाम पर परिजनों से वसूली करने वाले सिंडिकेट का पर्दाफाश; असिस्टेंट सुप्रीटेंडेंट और वकीलों समेत अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार।


Corruption In Delhi Prisons: दिल्ली की रोहिणी जेल में बंद कैदियों की सुरक्षा और सुविधाओं के नाम पर उनके परिवारों से लाखों रुपये ऐंठने वाले एक बहुत बड़े आपराधिक सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने जेल प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस जबरन वसूली और रिश्वतखोरी के रैकेट में बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक एक असिस्टेंट सुप्रीटेंडेंट, छह जेल वार्डर, दो वकील और दो निजी गुर्गों समेत कुल 11 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।


शिकायत के बाद जाल बिछाकर पकड़े गए थे मोहरे
इस बड़े रैकेट का खुलासा तब हुआ जब 9 फरवरी 2026 को एसीबी को एक पीड़ित परिवार से शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रोहिणी जेल में बंद उसके पिता और भाई की सुरक्षा और जेल के भीतर बुनियादी सहूलियतें देने के बदले उस पर मोटी रकम देने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी के जॉइंट पुलिस कमिश्नर और विंग हेड विक्रमजीत सिंह (IPS) के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने जाल बिछाया। ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए मौके से रोहिणी जेल के वार्डर दिनेश डाबास, पंकज कुमार, रवि कुमार, तिहाड़ जेल के हेड वार्डर जोगेंद्र, फरीदाबाद के वकील मनीष और दिल्ली के एक प्राइवेट शख्स आशीष राणा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर एफआईआर संख्या 04/2026 दर्ज की गई थी।

डिजिटल सबूतों और बैंक खातों से हुआ बड़ा खुलासा
शुरुआती गिरफ्तारियों के बाद जब एसीबी ने आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा और बैंक ट्रांजैक्शंस की बारीकी से जांच की, तो एक गहरी आपराधिक साजिश का पता चला। जांच में सामने आया कि कैदियों के परिवारों से वसूली गई अवैध रकम को अलग-अलग बैंक खातों में रूट किया जाता था और फिर उसे कैश निकालकर सिंडिकेट के सभी सदस्यों में बांट दिया जाता था। इन्हीं पुख्ता वित्तीय सबूतों के आधार पर एसीबी ने अपनी दूसरी बड़ी रेड में रोहिणी जेल के असिस्टेंट सुप्रीटेंडेंट सुनील कुमार, हेड वार्डर योगेश, वार्डर जगबीर, उत्तर प्रदेश के बागपत के वकील हरेंद्र बंसल और दिल्ली के विप्लव खारी को गिरफ्तार कर लिया है।

सिंडिकेट के बड़े मगरमच्छों की तलाश जारी
जेल के भीतर कैदियों को वीआईपी ट्रीटमेंट देने और प्रोटेक्शन मनी वसूलने का यह खेल कई महीनों से धड़ल्ले से चल रहा था, जिसमें वकीलों का इस्तेमाल पैसों को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था। दिल्ली सरकार की एसीबी प्रमुख विक्रमजीत सिंह ने बताया कि इस सिंडिकेट के तार और भी ऊपर तक जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल एजेंसी इस पूरे मनी ट्रेल को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कमाई का हिस्सा और किन बड़े अधिकारियों तक पहुंचता था। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाली गिरफ्तारियां संभव हैं।


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