
जेन जी को गुमराह करने की हुई कोशिश:धर्मेंद्र प्रधान ने बताया क्यों दिया इस्तीफा?
धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के करीब दो हफ्ते बाद आया है। छात्रों का विरोध प्रदर्शन के चलते उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा।
देश के पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा, ‘जेन-जी हमारे ही बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें भटकाने की कोशिश की। मैंने पीएम मोदी से बातचीत करने के बाद ही पद छोड़ा।’ प्रधान ने शनिवार (9 अगस्त) को भुवनेश्वर की जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के करीब दो हफ्ते बाद आया है। उस समय नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन चल रहा था जिसकी वजह से उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा।
अपने इस्तीफे पर बोलते हुए प्रधान ने इसे व्यक्तिगत मुद्दे के बजाय छात्रों और युवाओं के भविष्य से जोड़ने की कोशिश की है। उनका कहना है कि युवाओं की आकांक्षाओं के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा, "भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। पिछले 10 सालों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं। उनके सपने हैं। वे भारत को विश्व गुरु बनाएंगे। मेरे लिए पद जरूरी नहीं था। इतिहास में युवाओं ने ही बदलाव का नेतृत्व किया और बलिदान दिया है। वे अपने समय के जेन जी थे।"
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इसी चिंता को लेकर मैंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और प्रदर्शनकारियों की मांगें मानने के लिए उनकी मंजूरी मांगी। प्रधानमंत्री सहमत हुए और बाद में युवाओं से बातचीत भी की। फिर मैंने इस्तीफा दिया।’
अपने भाषण में प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडीअध्यक्ष नवीन पटनायक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘ मैं BJD कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और उनकी नारेबाजी से परेशान नहीं हूं। मैं किसान का बेटा हूं। आप मुझे वापस जाने के लिए कहेंगे, तब भी मैं वापस आऊंगा। मैंने ओडिशा के 4.5 करोड़ लोगों का सिर कभी शर्म से नहीं झुकने दिया। जब तक मैं जिंदा हूं, तब तक मुझ पर जताए गए भरोसे को नहीं तोड़ूंगा और ऐसा कोई काम नहीं करूंगा।’
प्रधान की यह टिप्पणी बताती है कि राज्य की राजनीति में बीजेपी और बीजेडी के बीच टकराव अभी खत्म नहीं हुआ है।
धर्मेंद्र प्रधान के आरोपों पर बीजेडी ने भी पलटवार किया है। पार्टी के संबलपुर जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रोहित पुजारी ने कहा कि प्रधान को बदनाम करने की जरूरत किसी को नहीं है।
पुजारी ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और सरकार की नीतियों की वजह से प्रधान की आलोचना हुई। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर छात्रों में नाराजगी थी।
BJD नेता ने नीट विवाद में छात्रों की मौत का भी मुद्दा उठाया और केंद्र सरकार की नीतियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, ये आरोप रोहित पुजारी के दावे हैं।

