
PM मोदी के Video पर राहुल गांधी का तीखा हमला, 'बेकार वीडियो से छात्रों का अपमान न करें!'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी किए गए वीडियो पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने पीएम के वीडियो को 'बेकार' बताते हुए कहा कि इससे छात्रों की समझ का अपमान हुआ है।
देश भर में नीट (NEET) और अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक को लेकर घमासान थमा नहीं है। गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक पर नया और सख्त कानून लाने का ऐलान किया था। लेकिन पीएम मोदी के इस कदम के तुरंत बाद सियासत और तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी के वीडियो संदेश पर जोरदार पलटवार किया है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि आधी रात को जारी अपने वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने सबसे अहम मुद्दे यानी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने पीएम मोदी को सलाह दी कि वे देश के करोड़ों होनहार छात्रों की समझ और बुद्धिमत्ता का अपमान करना बंद करें।
राहुल गांधी ने रखीं 3 सख्त मांगें
पीएम मोदी के वीडियो का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार के सामने 3 बड़ी मांगें रख दी हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा:
"मिस्टर मोदी, हमारे देश के छात्र सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आधी रात को जारी इस बेकार वीडियो संदेश से उनकी समझ का अपमान न करें।"
कांग्रेस नेता ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा:
पहला कदम: सबसे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाए।
दूसरा कदम: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे मासूम छात्रों और अभ्यर्थियों की बर्बरता से पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तुरंत सजा दी जाए।
तीसरा कदम: सरकार छात्रों के साथ हुए इस अन्याय और दमन चक्र के लिए देश के युवाओं से बिना शर्त माफी मांगे।
पीएम मोदी ने वीडियो संदेश में क्या ऐलान किया था?
इससे पहले, गुरुवार रात को जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को आश्वस्त किया था कि सरकार पेपर लीक के मामलों को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार पेपर लीक माफिया के खिलाफ बेहद कड़े कदम उठाने जा रही है।
पीएम मोदी ने बताया कि शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में इस संबंध में एक सख्त कानून के ड्राफ्ट पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में इस नए विधेयक (Bill) को पेश किया जाएगा और सरकार की कोशिश होगी कि इसे जल्द से जल्द पारित कराया जाए।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि पेपर लीक के दोषियों को बिना किसी देरी के त्वरित सजा दिलाने के लिए विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों ने रात-दिन मेहनत करके इसका एक मसौदा (Draft) तैयार कर उन्हें सौंप दिया है।
पीएम मोदी ने कहा, "हमारे युवाओं की भलाई और उनके भविष्य से ज्यादा जरूरी हमारे लिए कुछ भी नहीं है। जो लोग भी हमारे देश के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।"
"22 लाख छात्रों का साल बचाना हमारी प्राथमिकता थी"
अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने परीक्षाओं के दोबारा आयोजन और नतीजों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी स्थिति में छात्रों का एक पूरा साल बर्बाद न हो। इसलिए बहुत कम समय में लगभग 22 लाख छात्रों के लिए परीक्षाएं दोबारा आयोजित करने में सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
पीएम ने संतोष जताया कि 19 तारीख को परीक्षा के नतीजे भी घोषित कर दिए गए हैं और अब देश भर से सफल छात्रों की खुशियों की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार केवल इतने से ही संतुष्ट होने वाली नहीं है, बल्कि इस पूरे सिस्टम को साफ करने के लिए ऐतिहासिक कानून लाएगी।
सियासत और छात्र आंदोलन का नया दौर
पीएम मोदी के इस वीडियो संदेश और राहुल गांधी के तीखे हमले के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि संसद का आगामी सत्र बेहद हंगामेदार रहने वाला है। एक तरफ जहां सरकार नए कानून का ड्राफ्ट लाकर अपनी साख बचाने की कोशिश में है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष और छात्र संगठन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पुलिस कार्रवाई के विरोध में आर-पार के मूड में नजर आ रहे हैं।

