
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद में ED की एंट्री, छात्र आज करेंगे विधानसभा का घेराव
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा और JSSC CGL परीक्षा में हुई कथित धांधली की जांच में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की आधिकारिक एंट्री हो गई है।
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ी और धांधली को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़े सियासी और प्रशासनिक मोड़ पर पहुंच गया है। JPSC 14वीं प्रारंभिक परीक्षा (PT) और JSSC CGL परीक्षा में हुई धांधली की जांच में केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की औपचारिक एंट्री हो गई है। ED ने CID में दर्ज FIR संख्या 16/26 को आधार बनाते हुए Enforcement Case Information Report (ECIR) दर्ज कर ली है। अब जांच का दायरा केवल परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी तक सीमित न रहकर इस पूरे प्रकरण से जुड़े वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध मनी ट्रेल (पैसों के अवैध प्रवाह) तक फैल गया है।
ED कस रही शिकंजा, JSSC CGL की भी होगी जांच
सूत्रों के अनुसार, JPSC के साथ-साथ JSSC CGL परीक्षा मामले में भी ED जल्द ही एक अलग ECIR दर्ज कर सकती है। गौरतलब है कि CGL परीक्षा में धांधली को लेकर CID और रांची पुलिस में अलग-अलग मामले दर्ज हैं।
JPSC PT परीक्षा में हुई धांधली को लेकर अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। राज्य की CID इस मामले की गहन जांच कर रही है और आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से भी चार बार लंबी पूछताछ की जा चुकी है। अब ED की एंट्री के बाद यह माना जा रहा है कि पर्दे के पीछे मौजूद बड़े सिंडिकेट और वित्तीय आकाओं पर शिकंजा कसना तय है।
तीन दिनों की मैराथन वार्ता रही बेनतीजा
उधर, छात्रों के संभावित उग्र आंदोलन और विधानसभा घेराव को टालने के लिए राज्य सरकार ने पिछले तीन दिनों में छात्र प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की वार्ता की। सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य सोनू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि सरकार ने छात्रों की कई प्रमुख मांगों को मान लिया था।
सरकार ने स्पष्ट किया कि 14वीं JPSC मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को जेल भेजा गया है और आयोग के सदस्यों के इस्तीफे भी हुए हैं। सरकार ने CID के साथ-साथ खुद ED जांच के लिए पत्र भेजने का निर्णय लिया था। हालांकि, छात्र संगठन JSSC CGL परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और मामले की जांच CBI से कराने की अपनी मांग पर अड़े रहे, जिसके कारण बातचीत किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।
विधानसभा घेराव आज: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, कई स्कूल बंद
सरकार के साथ बातचीत विफल होने के बाद आक्रोशित छात्र संगठनों ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को विधानसभा घेराव का आह्वान किया है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और सभी समर्थक सुबह 10 बजे पुराने विधानसभा भवन के पास एकत्र होंगे। इस घेराव को वामपंथी छात्र संगठनों—AISF और AIYF—ने भी अपना पूरा समर्थन दिया है और अपने पूर्व निर्धारित 'झारखंड बंद' कार्यक्रम को स्थगित कर छात्रों के साथ मार्च में शामिल होने का फैसला किया है।
विधानसभा घेराव और संभावित ट्रैफिक जाम को देखते हुए रांची शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों ने सोमवार को एहतियातन छुट्टी की घोषणा कर दी है, जबकि कुछ स्कूलों ने हाफ-डे रखने का फैसला किया है। संत थॉमस स्कूल (धुर्वा), डीएवी कपिलदेव, डीएवी नागेश्वर और बिशप वेस्टकॉट जैसे स्कूलों ने पूरी तरह से छुट्टी रखी है।
प्रशासन की अपील: 'शांति बनाए रखें, किसी छात्र का अहित न हो'
छात्रों के भारी जमावड़े की संभावना को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि आंदोलन के दौरान किसी भी छात्र पर अनावश्यक बल प्रयोग न किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी का अहित न हो। प्रशासन ने छात्र संगठनों से भी लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की है।
अब देखना यह होगा कि ED की एंट्री के बाद इस हाई-प्रोफाइल परीक्षा घोटाले में क्या नए खुलासे होते हैं और सरकार छात्रों के इस विशाल प्रदर्शन से कैसे निपटती है।

