अब नौकरी बदलते ही अपने आप ट्रांसफर होगा PF, जानिए कैसे
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अब नौकरी बदलते ही अपने आप ट्रांसफर होगा PF, जानिए कैसे

EPFO ने आधार से जुड़े UAN धारकों के लिए ऑटो PF ट्रांसफर शुरू किया है। अब नौकरी बदलने पर आवेदन किए बिना PF बैलेंस और सर्विस रिकॉर्ड अपने आप ट्रांसफर होगा।


ज़रा सोचिए आपने नई नौकरी जॉइन की है। नई कंपनी, नया ऑफिस, नई जिम्मेदारियां... लेकिन इसी बीच एक और काम याद आता है—पुराने पीएफ को नए खाते में ट्रांसफर कराना।EPFO की वेबसाइट पर लॉगिन कीजिए, फॉर्म भरिए, पुराने और नए नियोक्ता की मंजूरी का इंतजार कीजिए... और फिर कई दिनों, कभी-कभी महीनों तक इंतजार करते रहिए।अगर आपने दो-तीन बार नौकरी बदली है, तो हो सकता है आपके अलग-अलग पीएफ अकाउंट बन गए हों। ऐसे में यह झंझट और बढ़ जाता है।

मान लीजिए किसी कर्मचारी ने पांच साल में तीन कंपनियां बदलीं। हर बार नया पीएफ अकाउंट खुल गया। नतीजा यह हुआ कि उसका पैसा तीन अलग-अलग खातों में बंट गया। हर बार उसे ट्रांसफर के लिए आवेदन करना पड़ा और कई हफ्तों तक मंजूरी का इंतजार करना पड़ा। लेकिन अब यह कहानी बदलने वाली है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने एक बड़ा बदलाव किया है। अब अगर आपका UAN आधार से लिंक है, तो नौकरी बदलते ही आपका पीएफ अपने आप नए खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।यानी अब न लंबा फॉर्म भरने की जरूरत, न अलग से आवेदन करने की चिंता और न मंजूरी के लिए बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया के मुताबिक, EPFO ने अपने पूरे सदस्य डेटाबेस को एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया है। इसी के बाद यह नई सुविधा शुरू की गई है। आने वाले समय में पीएफ क्लेम का निपटारा भी पहले से ज्यादा तेज होगा।

अब सवाल यह है कि UAN आखिर है क्या?

इसे ऐसे समझिए UAN आपके पीएफ का स्थायी पहचान पत्र है। यह 12 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है, जो नौकरी बदलने पर भी नहीं बदलता। कंपनी बदल सकती है, लेकिन आपका UAN वही रहता है। यही वजह है कि अब आपका पुराना पीएफ बैलेंस और पूरी सर्विस हिस्ट्री भी अपने आप नए खाते में पहुंच जाएगी।

इसे एक और आसान उदाहरण से समझिए। मान लीजिए आपके पास एक ही मोबाइल नंबर है, लेकिन आपने कई बार फोन बदले। फोन बदलते रहे, लेकिन नंबर वही रहा। UAN भी बिल्कुल ऐसा ही है। नौकरी बदलती रहती है, कंपनियां बदलती रहती हैं, लेकिन UAN वही रहता है और उसी से आपका पूरा पीएफ रिकॉर्ड जुड़ा रहता है।

इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो बार-बार नौकरी बदलते हैं। पहले हर कंपनी के साथ नया पीएफ अकाउंट बन जाता था और बाद में उन्हें जोड़ना एक अलग सिरदर्द बन जाता था। अब यह काम अपने आप हो जाएगा। इतना ही नहीं जब आपका पूरा पीएफ एक ही जगह रहेगा, तो पूरे बैलेंस पर ब्याज मिलेगा। आपका सर्विस रिकॉर्ड भी एक जगह रहेगा और भविष्य में एडवांस निकालने या रिटायरमेंट के समय पैसा लेने की प्रक्रिया भी काफी आसान हो जाएगी। हालांकि, एक बात का ध्यान रखना जरूरी है। अगर रिटायरमेंट, विदेश में बसने या सदस्य की मृत्यु के बाद 36 महीने तक किसी पीएफ खाते में कोई योगदान नहीं होता, तो EPFO उस खाते को निष्क्रिय मान लेता है।

अगर आप अपना रिकॉर्ड देखना चाहते हैं, तो बस अपने UAN और पासवर्ड से EPFO के सदस्य पोर्टल पर लॉगिन करें। वहां आपको अपनी पूरी नौकरी की हिस्ट्री और पीएफ का रिकॉर्ड आसानी से मिल जाएगा। कुल मिलाकर, नौकरी बदलने वालों के लिए यह बदलाव बड़ी राहत लेकर आया है। अब नई नौकरी की शुरुआत के साथ पीएफ ट्रांसफर का झंझट नहीं, बल्कि एक आसान और ऑटोमैटिक सिस्टम आपका इंतजार करेगा।

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