
MSP पर 100% मूंग खरीदी की मांग, भोपाल में किसानों का प्रदर्शन
भोपाल में संयुक्त किसान मोर्चा के हजारों किसानों ने मूंग की 100% MSP खरीदी, खाद वितरण में सुधार और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
नीट पेपर लीक के विरोध में चला धरना खत्म होने के कुछ ही दिनों बाद अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है। मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व में हजारों किसान 'किसान क्रांति' मार्च लेकर भोपाल पहुंचे। इस दौरान होशंगाबाद रोड का बड़ा हिस्सा जाम हो गया और शहर का यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा।
यह आंदोलन किसान प्रतिनिधिमंडल और कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना के बीच हुई वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद शुरू हुआ। हालांकि शाम को मंत्री ने सोशल मीडिया पर बातचीत को सकारात्मक बताया, लेकिन किसान नेताओं ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों की क्या हैं प्रमुख मांगें?
किसानों की सबसे बड़ी मांग इस सीजन की ग्रीष्मकालीन मूंग (ग्रीन ग्राम) की 100 फीसदी सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किए जाने की है। इसके अलावा वे खाद वितरण प्रणाली में सुधार, ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने, कम बारिश के दौरान पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने और भावांतर योजना समाप्त करने की भी मांग कर रहे हैं।
कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश के मूंग खरीद लक्ष्य को 4.54 लाख टन से बढ़ाकर 8.06 लाख टन करने का अनुरोध किया है। राज्य में इस बार करीब 20.16 लाख टन मूंग उत्पादन का अनुमान है।
हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका
इसी बीच खाद वितरण की 'ई-विकास' प्रणाली को चुनौती देने वाली कृषि आदान विक्रेता संघ की याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए यह केंद्र सरकार का नीतिगत फैसला है। दूसरी ओर किसान नेताओं का कहना है कि सर्वर और तकनीकी खामियों के कारण यह व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
कई जगह बैरिकेड्स तोड़े, सड़क पर बनाया खाना
संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में बरखेड़ा से शुरू हुआ 'किसान क्रांति' मार्च मिसरोद और CSIR-AMPRI के पास पहुंचने पर पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान कई स्थानों पर किसानों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क पर ही दाल-बाटी बनाकर अपना प्रदर्शन जारी रखा।
आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 3.47 लाख पंजीकृत किसानों में से अब तक केवल 82 हजार किसानों ने ही अपनी मूंग की फसल बेची है, जिसे लेकर भी किसानों में नाराजगी है।
भोपाल में ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने CSIR-AMPRI त्रिजंक्शन से बागसेवनिया स्क्वायर तक भारी पुलिस बल तैनात किया। ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को AIIMS, कटारा हिल्स और मंडीदीप की ओर डायवर्ट किया, जिससे शहर के कई इलाकों में लंबा जाम लग गया। आंदोलन के चलते भोपाल के कई स्कूलों में भी छुट्टी घोषित करनी पड़ी।किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर फैसला नहीं लेती, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

