
गुरुग्राम में बारिश से जलप्रलय, घंटो जाम में फंसे रहे स्कूली बच्चे
गुरुग्राम में मूसलाधार बारिश से सड़कों पर भरा पानी, फंसीं स्कूल बसें। प्रशासन ने 25 अगस्त को प्राइवेट दफ्तरों के लिए Work From Home व ऑनलाइन क्लास का आदेश दिया।
Rain Mess in Gurugram: दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने साइबर सिटी गुरुग्राम के ड्रेनेज सिस्टम और प्रशासनिक दावों की पूरी तरह हवा निकाल दी है। पूरे शहर में जलभराव के कारण हालात इस कदर बिगड़ गए कि सोहना रोड, सुभाष चौक और सेक्टर-47 (रेल विहार) में दर्जनों स्कूल बसें घंटों पानी में फंसी रहीं, जिनमें मासूम बच्चे बिलखते नजर आए।
हालात की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 25 अगस्त (मंगलवार) को जिले के सभी कॉरपोरेट और निजी दफ्तरों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' (Work From Home) और सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों/शिक्षण संस्थानों में 'ऑनलाइन क्लास' चलाने का आपातकालीन आदेश जारी किया है।
Advisory | District Gurugram
— DC Gurugram (@DC_Gurugram) August 24, 2026
In partial modification of the Advisory issued on 24.08.2026, all Government and private schools/educational institutions in District Gurugram are advised to conduct classes through online mode on 25.08.2026, in view of the prevailing weather… pic.twitter.com/iFaPcGVnJS
जलभराव में फंसीं स्कूल बसें और एंबुलेंस, सड़कों पर लगा घंटों लंबा जाम
गुरुग्राम में दोपहर 1:30 बजे तक 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस मूसलाधार बारिश ने शहर के मुख्य चौराहों और एक्सप्रेसवे को तालाब में बदल दिया:
बस में 4 घंटे तक फंसे रहे बच्चे: सेक्टर-47 और सोहना रोड के पास पानी इतना गहरा था कि कई स्कूल बसों के इंजन बंद हो गए। कुछ बच्चे बस की खिड़कियों से बाहर झांकते दिखे तो कुछ को पानी में उतरकर बाहर निकलना पड़ा। सोशल मीडिया पर एक अभिभावक ने दर्द बयां करते हुए लिखा कि उनका बच्चा 4 घंटे से बस में फंसा रहा।
एंबुलेंस भी थमीं: सोहना रोड और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी घंटों जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम में फंसी रहीं।
प्रमुख इलाके जो हुए जलमग्न: राजीव चौक, इफको चौक, नरसिंहपुर, हीरो होंडा चौक, ओल्ड दिल्ली रोड, महरौली रोड, बसई रोड, शीतला माता रोड और नाहरपुर अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गए। साइबर हब के पास गेटवे टावर के सामने एक्सप्रेसवे जलमग्न हो गया, जिससे दिल्ली-सिरहौल बॉर्डर पर वाहनों की रेंगती रफ्तार देखने को मिली।
जिला प्रशासन का आदेश: 25 अगस्त को वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन स्कूल
गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अध्यक्ष उत्तम सिंह ने आपात स्थिति से निपटने के लिए दो अहम परामर्श जारी किए:
कॉरपोरेट के लिए वर्क फ्रॉम होम: सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने और पानी की निकासी के लिए सभी कॉरपोरेट और प्राइवेट कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे 25 अगस्त को अपने कर्मचारियों से घर से ही काम (WFH) कराएं।
स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई: छात्रों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा और संभावित ट्रैफिक जाम को देखते हुए जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों, कोचिंग संस्थानों में मंगलवार को प्रत्यक्ष कक्षाओं के बजाय ऑनलाइन पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक दावों पर उठे सवाल
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया और GMDA के वरिष्ठ अधिकारियों ने जलभराव वाले इलाकों का दौरा किया और पंप सेट लगाकर पानी निकालने के निर्देश दिए। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल मानसून में गुरुग्राम की यही तस्वीर सामने आती है, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद नगर निगम और विकास प्राधिकरण कोई स्थायी समाधान निकालने में नाकाम रहे हैं।
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