महाराष्ट्र में बारिश का कहर दो की मौत, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
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महाराष्ट्र में बारिश का कहर दो की मौत, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश से दो लोगों की मौत हुई है। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी है।


महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य के कई जिलों में जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

दो लोगों की मौत, कई घायल

महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (MSDMA) की मंगलवार सुबह जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं।सतारा जिले में भूस्खलन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि नंदुरबार जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। ठाणे और मुंबई शहर में पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक-एक व्यक्ति घायल हुआ है।

बारिश के कारण दीवार गिरने से चार पशुओं की मौत हुई, जबकि पालघर जिले में बाढ़ के पानी में बह जाने से 11 पशुओं की जान चली गई। हालांकि, जिले में किसी मानव के हताहत होने की सूचना नहीं है।

पालघर में सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटों में राज्य में सबसे अधिक 203.3 मिमी बारिश पालघर जिले में दर्ज की गई। इसके अलावा ठाणे – 116.4 मिमी, रायगढ़ – 108.7 मिमी, मुंबई उपनगर – 90.4 मिमी, पुणे – 70.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

कोंकण क्षेत्र में लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। अंबा, सावित्री और जगबुडी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुंडलिका और पिंजल नदियां चेतावनी स्तर को पार कर चुकी हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

महाराष्ट्र के समुद्री तट पर रेड अलर्ट

भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने महाराष्ट्र के पूरे समुद्री तट के लिए 8 जुलाई की रात तक रेड अलर्ट जारी किया है।चेतावनी के अनुसार समुद्र में 4.8 से 5 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में सबसे ऊंची लहरों की आशंका जताई गई है, जबकि ठाणे, मुंबई, रायगढ़ और पालघर के तटीय क्षेत्रों में भी समुद्र अत्यधिक उग्र रहने की संभावना है। प्रशासन ने मछुआरों और छोटी नौकाओं को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। साथ ही तटीय क्षेत्रों में सभी प्रकार की मनोरंजक गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।

बांधों में जल भंडारण

राज्य के बांधों में फिलहाल कुल जल भंडारण क्षमता का 32.62 प्रतिशत पानी मौजूद है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के 46.57 प्रतिशत के मुकाबले कम है। हालांकि, कोंकण क्षेत्र के जलाशयों में सबसे अधिक 68.52 प्रतिशत जल भंडारण दर्ज किया गया है।

कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने नासिक और पालघर के लिए तात्कालिक मौसम चेतावनी जारी की है। अगले 24 घंटों के लिए भंडारा और गोंदिया जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि विदर्भ के कई हिस्सों में येलो अलर्ट लागू है।संभावित बाढ़ और राहत कार्यों को देखते हुए संवेदनशील जिलों में प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

घाट क्षेत्रों में जारी भारी बारिश

पालघर, नासिक और पुणे के घाट क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। लोनावाला में पिछले 48 घंटों के दौरान 600 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पालघर में भी अत्यधिक बारिश हुई है। इन क्षेत्रों के लिए आज भी रेड अलर्ट जारी है।मुंबई में आज येलो अलर्ट और ठाणे में ऑरेंज अलर्ट लागू है। मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में बारिश की तीव्रता मंगलवार की तुलना में कम रहने की संभावना है और गुरुवार से बारिश सामान्य स्तर पर आ सकती है।

नासिक के घाट क्षेत्रों में बादल फटने की आशंका

आईएमडी ने नासिक के घाट क्षेत्रों में बादल फटने की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बुधवार से पूरे महाराष्ट्र में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होकर सामान्य स्तर पर आने लगेगी। हालांकि, पालघर में रेड अलर्ट और पुणे के घाट क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में मध्यम बारिश होने की संभावना है।

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