कॉमनवेल्थ गेम्स: भारत के 12 मेडल, हरजिंदर-गुलवीर ने बढ़ाया मान
x

कॉमनवेल्थ गेम्स: भारत के 12 मेडल, हरजिंदर-गुलवीर ने बढ़ाया मान

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में हरजिंदर कौर और गुलवीर सिंह ने सिल्वर मेडल जीते, जबकि बॉक्सिंग में तीन भारतीय खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के किए।


ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। मंगलवार को भारत के खाते में दो और सिल्वर मेडल जुड़े। वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर और लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने अपने-अपने इवेंट में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। वहीं, बॉक्सिंग में भारतीय मुक्केबाजों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली, जिससे भारत के कम से कम तीन और पदक पक्के हो गए हैं।

पदक तालिका में भारत नौवें स्थान पर

भारत अब तक कुल 12 पदक जीत चुका है, जिनमें 2 गोल्ड, 7 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं। पदक तालिका में भारतीय दल फिलहाल नौवें स्थान पर बना हुआ है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया 33 गोल्ड, 17 सिल्वर और 27 ब्रॉन्ज सहित कुल 77 पदकों के साथ शीर्ष स्थान पर कायम है।

हरजिंदर कौर ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया

महिलाओं के 69 किलोग्राम भार वर्ग में 29 वर्षीय वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली हरजिंदर ने इस बार अपने प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार किया।उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में दो-दो बार कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड तोड़ा।

स्नैच में 99 किलोग्राम और फिर 101 किलोग्राम वजन उठाया।

क्लीन एंड जर्क में 123 किलोग्राम और फिर 126 किलोग्राम वजन उठाया।

कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

हालांकि, कनाडा की चार्लोट सिमोनो ने 108 किलोग्राम स्नैच और 132 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क के साथ कुल 240 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता।

गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास

हरजिंदर की सफलता के कुछ ही मिनट बाद गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीतकर नया इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।लगातार बारिश और पानी से भरे ट्रैक के बावजूद गुलवीर ने शानदार संयम दिखाया। उन्होंने अंतिम चरण में जबरदस्त रफ्तार पकड़ते हुए 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकाला।ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27:48.93 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। दोनों के बीच सिर्फ 0.85 सेकंड का अंतर रहा।

विशाल टीके सेमीफाइनल में पहुंचे

भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी विशाल टीके ने पुरुषों की 400 मीटर स्प्रिंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। 22 वर्षीय विशाल ने अपनी हीट में 46.49 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा का सेमीफाइनल 30 जुलाई को खेला जाएगा।

बॉक्सिंग में तीन और पदक पक्के

भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा।

प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में नॉर्दर्न आयरलैंड की निकोल क्लाइड को 5-0 से हराया।

प्रिया घंघास ने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में मेजबान खिलाड़ी नियाम मिशेल को 4-1 से मात दी।

जादुमनी सिंह ने पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में जाम्बिया के मवेंगो मवाले को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

तीनों मुक्केबाजों के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ भारत के लिए कम से कम तीन ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हो गए हैं।

परवीन और कपिल का अभियान समाप्त

दिन के अन्य मुकाबलों में भारत को दो निराशाएं भी मिलीं। परवीन हुड्डा को इंग्लैंड की साचा हिकी के खिलाफ 2-3 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, पुरुषों के 90 किलोग्राम वर्ग में कपिल पोखरिया भी अपना मुकाबला हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए।

Read More
Next Story