
ईरान की कथित 'हिट लिस्ट' से बढ़ा तनाव, कई वैश्विक नेता निशाने पर
ईरान के एक अखबार ने मोजतबा खामेनेई के बयान के बाद 13 वैश्विक नेताओं की कथित 'हिट लिस्ट' जारी की। सरकार ने सूची की पुष्टि नहीं की, लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ गया।
ईरान और पश्चिमी देशों के बीच जारी तनाव अब और अधिक गंभीर होता दिखाई दे रहा है। तेहरान नगर पालिका से जुड़े रूढ़िवादी अखबार हमशहरी ने अपनी वेबसाइट पर एक विवादित सूची प्रकाशित की है, जिसमें अमेरिका, इजरायल और यूरोप के कई शीर्ष नेताओं की तस्वीरें शामिल हैं। अखबार ने इन नेताओं को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के लिए जिम्मेदार बताया है।
हालांकि, ईरान सरकार ने इस सूची की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने आधिकारिक संदेश में किसी नेता का नाम लिया था।
मोजतबा खामेनेई के बयान के बाद सामने आई सूची
रिपोर्ट के अनुसार, यह सूची मोजतबा खामेनेई के पहले सार्वजनिक लिखित संदेश के तुरंत बाद ऑनलाइन प्रकाशित की गई। अपने संदेश में उन्होंने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों को उनके कृत्यों का जवाब देना होगा।उन्होंने लिखा कि उनके पिता की मौत का बदला लेना पूरे देश की इच्छा है और दोषी लोग शांति से जीवन समाप्त करने की उम्मीद नहीं कर सकते। हालांकि, उन्होंने किसी भी व्यक्ति या देश का नाम नहीं लिया।
किन नेताओं के नाम शामिल बताए गए?
हमशहरी की वेबसाइट पर प्रकाशित सूची में अमेरिका, इजरायल और यूरोप के कई प्रमुख नेताओं की तस्वीरें शामिल बताई गई हैं। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज, गिदोन सार, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज जैसे नाम शामिल बताए गए हैं।बताया गया कि यह सामग्री केवल अखबार के ऑनलाइन संस्करण में प्रकाशित हुई, जबकि प्रिंट संस्करण में इसे स्थान नहीं दिया गया।
यूरोपीय देशों पर लगाए आरोप
ईरान लंबे समय से ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों पर अमेरिका और इजरायल का समर्थन करने का आरोप लगाता रहा है। तेहरान का दावा है कि इन देशों ने ईरान पर हुए हमलों की निंदा नहीं की और कथित रूप से अमेरिकी सैन्य अभियानों को अप्रत्यक्ष सहयोग दिया।हालांकि, संबंधित पश्चिमी देशों ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
बढ़ते तनाव के बीच सामने आया घटनाक्रम
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल के महीनों में दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी और सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पहले से तनावपूर्ण हालात को और जटिल बना सकती हैं।
फिलहाल ईरान सरकार की ओर से कथित सूची को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।

