
ईरान का अमेरिकी बेस पर बैलिस्टिक हमला, मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव
ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। सभी मिसाइलें इंटरसेप्ट हुईं, लेकिन हमले से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया।
मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। बुधवार तड़के ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह एक अचानक किया गया हमला (Surprise Attack) था। हालांकि, अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों को बीच रास्ते में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया और किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले ही ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने और दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ने की बात कही थी। अमेरिकी अभियान रुकने के बाद यह ईरान का पहला सीधा बैलिस्टिक मिसाइल हमला माना जा रहा है।
CENTCOM ने क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि मंगलवार शाम 5:45 बजे (ET) इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ईरान से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनका लक्ष्य मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डा था।CENTCOM के अनुसार, सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया और अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क एवं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
वहीं, CNN से बातचीत में एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि शुरुआती आकलन के मुताबिक चार से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें नहीं दागी गई थीं।
ट्रंप के बयान के अगले दिन हुआ हमला
यह हमला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के लगभग एक दिन बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान रोक दिया है और दोनों देशों के बीच सकारात्मक बातचीत चल रही है।हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं हो रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट और गहराया
ताजा मिसाइल हमले ने ट्रंप की शांति पहल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी संकट के जल्द खत्म होने की संभावना भी कमजोर पड़ती दिख रही है।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है।फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान इस मार्ग पर तेल टैंकरों और जहाजों को निशाना बनाता रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग प्रभावित हुई है।
ईरान का कहना है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को उसकी अनुमति लेनी होगी और इसके लिए वह शुल्क भी वसूल सकता है। दूसरी ओर, अमेरिका का कहना है कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है और उस पर किसी एक देश का नियंत्रण नहीं हो सकता।
युद्धविराम टूटने के बाद फिर बढ़ा तनाव
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर मतभेदों के बीच अप्रैल में अमेरिका और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम इस महीने टूट गया था। इसके बाद दोनों देशों ने करीब दो सप्ताह तक एक-दूसरे के ठिकानों पर लगातार हमले किए। अब ताजा बैलिस्टिक मिसाइल हमला इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में तनाव अभी भी कम होने के बजाय और बढ़ सकता है।

