झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार का निधन! हार्ट अटैक से 56 की उम्र में मौत
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झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार का निधन! हार्ट अटैक से 56 की उम्र में मौत

झारखंड के उच्च शिक्षा और पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार का 56 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन। सीएम हेमंत सोरेन के थे करीबी; गिरिडीह से थे JMM विधायक।


Sudivya Kumar Passes away: झारखंड की राजनीति और हेमंत सोरेन सरकार के लिए रविवार की सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता और राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का दिल का दौरा पड़ने (कार्डियक अरेस्ट) से असामयिक निधन हो गया। वे 56 वर्ष के थे। उनके पास पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की भी जिम्मेदारी थी।


गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे सुदिव्य कुमार के अचानक निधन से जेएमएम और झारखंड सरकार में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा हैं।

जेएमएम और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपूरणीय क्षति
पार्टी ने उनके निधन पर गहरा शोक और स्तब्धता व्यक्त करते हुए इसे संगठन, सरकार और पूरे राज्य के लिए एक 'अपूरणीय क्षति' बताया:

पार्टी का बयान: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, "झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार जेएमएम के समर्पित साथी और झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से स्तब्ध और मर्माहत है।" पार्टी ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

हेमंत सोरेन के संकटमोचक: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बेहद करीबी और विश्वस्त रणनीतिकार माने जाने वाले सुदिव्य कुमार ने पार्टी के कई बड़े राजनीतिक संकटों में अहम भूमिका निभाई थी। विशेष रूप से 2024 में जमीन घोटाले से जुड़े मामले में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने पार्टी संगठन और सरकार को एकजुट रखने में रणनीतिक नेतृत्व दिया था।

2019 में पहली बार बने थे विधायक, इसी हफ्ते लौटे थे कर्नाटक दौरे से
सुदिव्य कुमार पहली बार 2019 के विधानसभा चुनाव में गिरिडीह से विधायक चुने गए थे और अपनी प्रशासनिक सूझबूझ के चलते मंत्रिमंडल में कई भारी-भरकम विभागों का जिम्मा संभाल रहे थे:

पर्यटन सुधार के लिए कर्नाटक दौरा: निधन से महज कुछ दिन पहले ही वे कर्नाटक से एक उच्चस्तरीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करके लौटे थे। वहां उन्होंने झारखंड में पर्यटन के बुनियादी ढांचे और रिसॉर्ट्स के बेहतर प्रबंधन के लिए कर्नाटक के पर्यटन मंत्री के. जे. जॉर्ज से मुलाकात की थी।

जंगल लॉजेस के साथ साझेदारी की योजना: उन्होंने झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों के संचालन और विकास के लिए 'जंगल लॉजेस एंड रिसॉर्ट्स' (JLR) को नॉलेज पार्टनर बनाने की संभावनाओं पर विस्तृत बातचीत की थी।


(हेडलाइन को छोड़कर, इस स्टोरी को द फेडरल स्टाफ ने एडिट नहीं किया है और यह सिंडिकेटेड फ़ीड से ऑटो-पब्लिश की गई है।)


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